झारखंड कृषि उत्पादन विधेयक 2022 का होने लगा विरोध, राज्यभर में कल बंद रखेंगे अपने प्रतिष्ठान

0
461

बीरेंद्र कुमार झा

झारखंड राज्य कृषि उत्पादन और पशुधन विपणन विधेयक- 2022 के तहत दो फीसदी शुल्क लगाने के निर्णय के विरोध में राज्य भर के खाद्यान्न कारोबारी और राइस व फ्लावर मिलर्स 8 फरवरी को कारोबार बंद रखेंगे। अपने घर और प्रतिष्ठान पर काला झंडा लगाकर कारोबारियों ने विरोध का संकेत देना भी शुरू कर दिया है। झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने इस शुल्क को सभी वर्गों के लिए काला कानून करार दिया। इस मुद्दे पर 8 जनवरी को झारखंड चेंबर भवन में खाद्यान्न कारोबारी की बैठक होगी।

2015 ईसवी में इस शुल्क की समाप्ति के बाद राज्य में खुली 73 से ज्यादा राइस मिल

झारखंड चेंबर के महासचिव डॉ अभिषेक रामधीन ने कहा कि केंद्र का बहाना बनाकर राज्य सरकार झारखंड में फिर से कृषि बाजार शुल्क लागू करने की तैयारी कर रही है।झारखंड चेंबर इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 ईस्वी में जब से इस कृषि बाजार शुल्क को हटाया गया तो राज्य में 73 से ज्यादा राइस मिलें खुली, जिससे खाद्यान्न के मामले में हम पड़ोसी राज्यों से मुकाबला करने की स्थिति में आ गए अब फिर से कृषि बाजार शुल्क का भार पड़ेगा तो किसानों, और खाद्यान्न व्यापारियों के साथ ही ट्रेडर्स और उपभोक्ताओं को भी महंगाई की मार झेलनी होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here