सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में अब ठंडे पानी से बचने के लिए कई घरों में गीजर की डिमांड बढ़ने लगेगी, क्योंकि, गर्म पानी की सुविधा हर सुबह को आसान बना देती है। लेकिन क्या आपको पता है कि ठंड के दिनों को आरामदायक बनाने वाले गीजर का इस्तेमाल खतरनाक भी हो सकता है। एक छोटी सी लापरवाही से आपका गीजर बम का गोला बन सकता है और घर में शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटना हो सकती है।ऐसे में अगर आप भी इस सर्दी के मौसम में गीजर का इस्तेमाल करने वाले हैं, तो फिर गीजर ऑन करने से पहले कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रख लेना आपको बड़े खतरे से बचा सकता है।ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं, जिसे फॉलो कर आप गीजर का इस्तेमाल न सिर्फ सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं बल्कि आपका गीजर भी लंबे समय तक अच्छे से काम करता रहेगा।
अगर आपका गीजर 2 साल से ज्यादा पुराना है, तो उसे सर्विसिंग और इलेक्ट्रिकल चेकअप के बिना ऑन न करें। पुराने गीजर को ऑन करने से पहले उसके हीटिंग एलिमेंट को अच्छे से चेक करा लें, क्योंकि, पुराना होने के कारण हीटिंग एलिमेंट में स्केल जमने से ओवरहीटिंग हो सकती है, जिससे गीजर फट भी सकता है।इसलिए सर्दियों में गीजर ऑन करने से पहले टेकनीशियन से जरूर जांच करा लें।
गीजर एक हाई-पावर डिवाइस है।ऐसे में वायरिंग या अर्थिंग के खराब होने पर इलेक्ट्रिक शॉक का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही वायर को भी अच्छे से चेक कर लें, क्योंकि, कभी-कभी किसी वजह से वायर में छोटा-मोटा कट या दिक्कत हो जाती है, जिससे अचानक ऑन करते ही शॉर्ट सर्किट या करंट लग सकता है।इसलिए जरूरी है कि इस सर्दियों में गीजर को ऑन करने से पहले ये काम जरूर करवा लें।
शॉर्ट सर्किट या करंट लगने का दूसरा कारण लीकेज भी है। इसलिए जरूरी है कि वायरिंग और हीटिंग एलिमेंट के साथ-साथ गीजर में पानी पहुंचने वाली जगह से लेकर नल तक पानी पहुंचने वाले एरिया को अच्छे से चेक कर लें। इससे अगर कहीं लीकेज की समस्या हुई भी तो उसे तुरंत ठीक कराया जा सकता है, जिससे आगे चलकर किसी तरह की परेशानी न हो।
गीजर में सेफ्टी वाल्व और थर्मोस्टेट आपकी सुरक्षा के लिए दिए जाते हैं।ऐसे में अगर ये दोनों खराब हो जाए तो गीजर फट सकता है। दरअसल, पानी ज्यादा गर्म हो जाने पर भाप बनने लगती है और प्रेशर बढ़ जाता है। सेफ्टी वॉल्व भाप को बाहर निकालने का काम करता है।ऐसे में अगर सेफ्टी वॉल्व खराब हो या जाम हो जाए तो फिर प्रेशर बाहर नहीं निकल पाता और गीजर के फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बड़ी परेशानी में पड़ने से अच्छा है कि आप मैकेनिक की मदद से इसकी जांच करा लें।
अगर गीजर में लगा पाइप भी पुराना हो गया है, तो गीजर के इस्तेमाल से पहले उसे जरूर चेंज कर लें।क्योंकि, पुराने होने के कारण पाइप में कचरा जम जाता है और नल से पानी धीमा आने लगता है।ऐसे में गीजर पर भी प्रेशर पड़ने लगता है।इसलिए अगर गीजर में लगे पाइप ज्यादा पुराना हो गए हैं, तो उन्हें बदलवा देने में ही समझदारी है।
गीजर को लंबे समय तक ऑन छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे में पानी गर्म हो जाने के बाद उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए, ताकि कोई दुर्घटना न हो।
साल में कम से कम एक बार खासकर सर्दियों में गीजर का इस्तेमाल शुरू करने से पहले तो सर्विसिंग जरूर करवाएं।
गीजर में सही टेंपरेचर सेट करना जरूरी है।गीजर का टेंपरेचर 50°C–60°C से ऊपर सेट नहीं करना चाहिए। इस टेंपरेचर पर बिजली की बचत भी होगी, टैंक ओवरहीट नहीं होगा और ब्लास्ट का खतरा भी कम होगा।
