Homeदेशक्या आप जानते हैं ChatGPT का असली मतलब? जानिए क्या है GPT...

क्या आप जानते हैं ChatGPT का असली मतलब? जानिए क्या है GPT का फुल फॉर्म

Published on

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारी ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। डेटा एनालिटिक्स से लेकर चैटबॉट्स तक, हर जगह AI ने अपनी गहरी पैठ बना ली है।इनमें से एक नाम जो हर किसी की ज़ुबान पर है ChatGPT।लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके नाम में शामिल GPT का असली मतलब क्या है?

GPT का अर्थ है Generative Pre-trained Transformer। यह तीन शब्द इस तकनीक की असली ताकत को परिभाषित करते हैं। समझिए कैसे ये तीनों मिलकर ChatGPT को इतना बुद्धिमान और शक्तिशाली बनाते हैं।

GPT का पहला हिस्सा Generative इसकी सबसे खास विशेषता है।पुरानी AI तकनीकें जहां केवल पहचान (जैसे तस्वीरों में वस्तुओं को पहचानना) या अनुमान लगाने (जैसे शेयर बाजार का रुझान) तक सीमित थीं, वहीं GPT नई चीजें रच सकता है।यह इंसानी भाषा के ढंग, टोन और पैटर्न को सीखकर पूरी तरह से नया कंटेंट बना सकता है जैसे निबंध, ईमेल, कोड, कहानी या कविता. यही कारण है कि ChatGPT के जवाब इतने स्वाभाविक और मानव-जैसे लगते हैं।

दूसरा है P जिसका मतलब है Pre-Trained. GPT को किसी खास काम के लिए इस्तेमाल करने से पहले इसे प्री-ट्रेनिंग दी जाती है। इस चरण में मॉडल को लाखों किताबें, लेख, वेबसाइटें और टेक्स्ट डेटा पढ़ाया जाता है।इससे यह भाषा, व्याकरण, तथ्य और संस्कृति की गहरी समझ विकसित करता है।इस विशाल प्रशिक्षण के कारण GPT को अलग-अलग कार्यों के लिए दोबारा ट्रेन करने की ज़रूरत नहीं पड़ती यह एक ही मॉडल से सवालों के जवाब देने, लेख लिखने, कोडिंग करने या रिसर्च पेपर का सार बताने जैसे सैकड़ों काम कर सकता है।

GPT का तीसरा और सबसे अहम भाग है Transformer यह वह आर्किटेक्चर है जिसने AI की दुनिया को बदल दिया।2017 में गूगल के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित इस तकनीक में एक खास Attention Mechanism होता है जो टेक्स्ट के हर हिस्से पर एक साथ ध्यान केंद्रित कर सकता है।पुराने मॉडल जहां शब्दों को एक-एक करके समझते थे और लंबी बातों का संदर्भ खो देते थे वहीं Transformer पूरे वाक्य या पैराग्राफ को एक साथ समझता है जिससे जवाब ज्यादा सटीक और संगत बनता है।

GPT मॉडल्स आज AI के क्षेत्र में इसलिए छाए हुए हैं क्योंकि ये मानव जैसी सोच और अभिव्यक्ति दिखाते हैं। ये न केवल सही व्याकरण का इस्तेमाल करते हैं बल्कि भावनात्मक रूप से भी ठीक जवाब देते हैं।एक ही मॉडल रिसर्च पेपर का सारांश बनाने, कविता लिखने या प्रोग्रामिंग कोड तैयार करने जैसे अलग-अलग काम सहजता से कर सकता है। GPT-4 जैसे नए संस्करण अरबों पैरामीटर्स पर प्रशिक्षित हैं जिससे उनकी सटीकता और भाषा की समझ बेहद गहरी हो गई है।
GPT आर्किटेक्चर सिर्फ भाषा तक सीमित नहीं रहा।आज इसकी नई पीढ़ियां मल्टीमॉडल AI के रूप में विकसित हो रही हैं जो टेक्स्ट के साथ-साथ तस्वीरें, आवाज़ें और वीडियो को भी समझ और बना सकती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और तकनीकी क्षेत्रों में GPT का विस्तार लगातार बढ़ रहा है।

Latest articles

एआई समिट में बड़ा ऐलान: शुरू हो सकता है भारत में पहला कमर्शियल चिप प्रोडक्शन

India AI Impact Summit 2026 की शुरुआत आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में...

सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला, जज ने सुनवाई से किया इंकार

  काला हिरण शिकार मामले से जुड़ी अपीलों पर सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में...

अब बिना इंटरनेट फोन-लैपटॉप पर चलेगा AI

बेंगलुरु की स्टार्ट-अप कंपनी RSarvam AI भारत का पहला स्वदेशी फुल-स्टैक AI प्लेटफॉर्म बना...

छोटी उम्र में बच्चों को हो रहा ‘बुढ़ापे वाला दर्द’, झुकी कमर और गर्दन दर्द की वजह

#Children #experiencing #old-age- pain#  young age#doctors # bent- back #neck pain. आजकल बच्चों की झुकी...

More like this

एआई समिट में बड़ा ऐलान: शुरू हो सकता है भारत में पहला कमर्शियल चिप प्रोडक्शन

India AI Impact Summit 2026 की शुरुआत आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में...

सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला, जज ने सुनवाई से किया इंकार

  काला हिरण शिकार मामले से जुड़ी अपीलों पर सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में...

अब बिना इंटरनेट फोन-लैपटॉप पर चलेगा AI

बेंगलुरु की स्टार्ट-अप कंपनी RSarvam AI भारत का पहला स्वदेशी फुल-स्टैक AI प्लेटफॉर्म बना...