किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है।ऐसे में इसका ठीक तरह से काम करना बेहद जरूरी होता है। बॉडी के कई ऐसे फंक्शन होते हैं, जो किडनी के जरिए होते हैं। अगर किडनी में कोई भी समस्या होती है तो बॉडी पहले ही संकेत देने लगती है।
महिपाल सचदेवा, चेयरमैन सेंटर फॉर साइट, आई हॉस्पिटल के मुताबिक थकान, पैरों और टखनों में सूजन, पेशाब में अधिक झाग या खून आना, ड्राई और इची स्किन, मतली, सांस लेने में दिक्कत आदि किडनी से जुड़ी बीमारी के लक्षणों में शामिल है। इन सबके अलावा किडनी में होने वाली समस्या का सिग्नल हमारी आंखे भी देती है। जी हां किडनी में गड़बड़ी का असर आंखों पर भी पड़ता है।
किडनी का काम वेस्ट को फिल्टर करने और बॉडी में फ्लूइड बैलेंस मेंटेन करना होता है, यह सर्कुलेटरी सिस्टम से जुड़े होते हैं जिसमें आंखों को सपोर्ट करने वाले नाजुक ब्लड वैसेलट भी शामिल होते हैं। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती तो इसका असर आंखों पर भी पड़ता है। अगर आपकी आंखों में किसी भी तरह के बदलाव नजर आ रहे हैं तो यह किडनी से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।
सुबह उठने के बाद आंखों में सूजन होना आम बात है लेकिन अगर आंखें दिन में भी सूजी हुई है तो ऐसा किडनी से जुड़ी किसी समस्या के कारण हो सकता है। खासतौर पर अगर यह सूजन पलकों के आस पास है तो यह प्रोटीन्यूरिया का संकेत हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी डैमेज के कारण प्रोटीन यूरीन में लीक हो जाता है।
अचानक धुंधला दिखाई देना, फोकस करने में कठिनाई होना या दोहरा दिखना, आंखों की छोटी ब्लड वेसल्स में समस्याओं के कारण हो सकता है। इसे हाइपरटेंसिव या डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों ही क्रोनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारण है और यह रेटिना में ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आंखों में लगातार खुजली होना और ड्राइनेस भी किडनी से जुड़ी बीमारी का संकेत होता है। गंभीर किडनी डिजीज से पीड़ित या डायलिसिस करवा रहे लोगों में ड्राई आंखें एक आम समस्या होती है। यह कैल्शियम और वेस्ट प्रोडक्ट्स के इकट्ठा होने के कारण हो सकता है जो आंसू के उत्पादन और आंखों की चिकनाई को प्रभावित करते हैं।
आंखों का लाल होने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें एलर्जी, थकान और इन्फेक्शन शामिल है। हालांकि किडनी डिजीज के संदर्भ में यह हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का भी संकेत हो सकता है। ब्लड वेसल्स में बढ़े हुए दबाव की वजह से यह आंखों की कोशिकाओं में फटने लगते हैं जिससे आंखें लाल और सूजी दिखाई देने लगती है।
कभी-कभी आंखों में सूजन या जलन होना आम बात है लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा है और इसके साथ दूसरे गंभीर लक्षण भी नजर आ रहे हैं जैसे थकान, शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन, पेशाब में बदलाव आदि तो इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह की स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। रूटिंग आई चेकअप से कभी-कभी कुछ बीमारियों का पता चल सकता है जिसमें किडनी रोग भी शामिल है।

