40 गेंद पर चाहिए थे 102 रन, फिर भी 11 गेंद पहले ही जीत लिया मैच

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‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’. ये लाइन केनिंग्टन ओवल में खेले गए मैच पर पूरी तरह से सटीक बैठती हैं।क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है।इसमें कब क्या हो जाए, कब मैच पूरी तरह से पलट जाता है, कुछ पता नहीं चलता।ऐसा ही एक मैच लंदन में केनिंग्टन ओवल के मैदान पर खेला गया।ओवल इनविंसिबल्स के सामने ट्रेंट रॉकेट्स ने 172 रनों का लक्ष्य रखा था।ये मैच एक ऐसे मोड़ पर पहुंचा, जहां ओवल इनविंसिबल्स को 40 गेंदों में जीत के लिए 102 रनों की दरकार थी और इस मैच को जीतने के चांस केवल 9 प्रतिशत रह गए थे, ऐसे में जॉर्डन कॉक्स और सैम करन की ताबड़तोड़ पारी ने इस 9 फीसदी चांस को 100 फीसदी में बदल दिया।

इंग्लैंड में हो रही The Hundred लीग के दौरान ट्रेंट रॉकेट्स ने 100 गेंदों में 7 विकेट के नुकसान पर 171 रन बना दिए थे।इस टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रन इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने बनाए थे।जो रूट ने 41 गेंदों में 76 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं अब ओवल इनविंसिबल्स के सामने एक बड़ा लक्ष्य खड़ा था।ये टीम शुरुआती 60 गेंदों में केवल 70 रन ही बना पाई थी।वहीं टीम को जीत के लिए 40 गेंदों में 102 रनों की जरूरत थी। यह मैच इनविंसिबल्स के हाथों से पूरी तरह फिसलता नजर आ रहा था।

मैच को हाथ से जाता देखकर पिच पर मौजूद जॉर्डन कॉक्स और सैम करन ने रनों की गति बढ़ाई और जबरदस्त शॉट लगाते हुए ताबड़तोड़ पारी खेली और इस 172 रनों के विशाल लक्ष्य को 11 गेंद रहते हुए ही हासिल कर लिया। सैम करन ने 24 गेंदों में 54 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं जॉर्डन 32 गेंदों में 58 रन बनाकर और टीम को जीत दिलाकर नाबाद लौटे। जॉर्डन और करन की इस पारी को देखकर हर कोई हैरान रह गया।

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