अखिलेश अखिल
ऑक्सफेम इंडिया की ताजा रिपोर्ट ने देश की मौजूदा स्थिति की पोल खोलकर रख दी है। इस रिपोर्ट ने जहां कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष के सरकार पर लगाए जा रहे आरोप की पुष्टि की है वही बीजेपी सरकार के लिए यह रिपोर्ट शर्मिंदा होने के लिए काफी है। रिपोर्ट बताती है कि देश के 21 अरबपतियों के पास ही देश के 70 भारतियों से ज्यादा संपत्ति है। रिपोर्ट बताती है कि देश के पांच फीसदी अमीरों के पास ही देश की संपत्ति का 60 फीसदी हिस्सा है जबकि नीचे के 50 फीसदी लोगों के पास देश की संपत्ति का मात्र 3 फीसदी हिंसा है। यह रिपोर्ट 2022 तक का है और इसमें 2017 से 2021 की आर्थिक ,असमानता की बात कही गई है।
ऑक्सफेम की यह नयी रिपोर्ट सर्वाइवल ऑफ़ द रिचेस्ट :द इंडिया स्टोरी के नाम से प्रकाशित हुई है जिसमे कहा गया है कि देश के सबसे धनी व्यक्ति की संपत्ति 2022 में 46 फीसदी बढ़ी है। और कोरोना काल से लेकर नवम्बर 2022 तक देश के अरबपतियों की संपत्ति 121 फीसदी बढ़ी है है यानी हर रोज 3608 करोड़।
रिपोर्ट में सरकार को सलाह देते हुए कहा गया है कि अगर इन अरबपतियों की आय पर 20 फीसदी भी टैक्स लगाईं जाए तो सरकार को करीब 2 लाख करोड़ की आय हो सकती है और इस धन राशि से करीब 50 नए शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती है। ऐसा होने से स्कूलों की स्थिति तो बदलेगी ही ,रोजगार के अवसर भी सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में अरबपतियों की संख्या 102 से बढ़कर 166 तक पहुँच गई है और इनमे से सौ सबसे धनी अरबपतियों की संपत्ति 54 लाख करोड़ की है जिससे भारत में 18 महीने का केंद्रीय बजट बन सकता है।
ऑक्सफेम भारत के सीईओ अमिताभ बिहार इ कहा है कि भारत की व्यवस्था अभी धनी वर्ग के पक्ष में है जिससे गरीब ,सीमांत ,दलित ,आदिवासी ,मुस्लिम और महिलाये कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि धनी वर्ग पर टैक्स लगाकर उनसे समुचित हिस्सा प्राप्त किया जाए। अमिताभ बेहर ने वित्त मंत्री से आग्रह भी किया है कि देश के इन अरबपतियों पर भारी टैक्स लगाकर विषमता को दूर करे।
रिपोर्ट बताती है कि देश के सामने सबसे बड़ी समस्या सबको बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य लाभ देने की है ,रोजगार निर्माण की है और महिला ,मजदूरों के हालत को सुधारने की है। और यह सब अमीरो पर टैक्स लगाकर ही संभव है। सरकार अगर इस दिशा में काम करती है तो निश्चित तौर पर भारत की स्थिति बदल सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे धनी 10 भारतीयों की कुल संपत्ति 27 लाख करोड़ रुपए है। पिछले वर्ष से इसमें 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संपत्ति स्वास्थ्य और आयुष मंत्रालयों के 30 वर्ष के बजट, शिक्षा मंत्रालय के 26 वर्ष के बजट और मनरेगा के 38 वर्ष के बजट के बराबर है।

