रायबरेली का दुर्ग जीतने के लिए बीजेपी का खास प्लान, कांग्रेस भी नहीं चाहेगी खोएं यह सीट

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अबतक उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट को कांग्रेस के द्वारा अभेद दुर्ग बनाकर रखा गया था।यहांतक कि मोदी लहर के बावजूद 2014 और 2019 दोनो ही वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में अपने इस अभेद्य दुर्ग को बचाए रखा था।लेकिन अब सोनिया गांधी के इस अभेद्य दुर्ग छोड़कर राजस्थान से राज्य सभा की सदस्य चुने जाने के बाद यहां की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।ऐसे में इस वर्ष हो रहे आम चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस द्वारा अबतक अभेद्य बनाकर रखे गए कांग्रेस के इस दुर्ग को भेदने के लिए विशेष योजना तैयार किया है।बीजेपी इस बार रायबरेली सीट को भी अमेठी की ही तरह जीतना चाहती है। यही वजह है कि अभी तक बीजेपी ने रायबरेली सीट पर अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी चुनावी समीकरण सेट करने के साथ ही यहां से मजबूत उम्मीदवार उतारने के पक्ष में हैं।

प्रथम चरण के चुनाव के बाद बीजेपी तय कर सकती है अपना उम्मीदवार

सूत्रों के अनुसार बीजेपी के जिन उम्मीदवारों का नाम रेस में चल रहा है, उनमें से किसी का भी नाम अभी तक फाइनल नहीं हुआ है।अमेठी की ही तरह बीजेपी किसी बड़े नेता को रायबरेली से उम्मीदवार बना सकती है। पहले चरण के मतदान खत्म होने के बाद पार्टी रायबरेली और कैसरगंज सीट से प्रत्याशी का ऐलान करेगी

सोनिया गांधी के सीट छोड़ने के बाद कौन बनेगा सांसद

2019 में रायबरेली सीट से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी चुनाव जीतकर सांसद बनीं थीं। मोदी लहर में भी इस सीट से बीजेपी कमल खिलाने में नाकामयाब हुई थी। सोनिया गांधी के सीट छोड़ने के बाद बीजेपी रायबरेली सीट पर कमल खिलाने के लिए बेताब है। संभव है कि बीजेपी किसी बड़े नेता पर दांrव लगा सकती है। बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में रायबरेली सीट पर बड़े नेता को उतारने की चर्चा हुई।सूत्रों के मुताबिक खबर है कि कुछ वक्त पहले बीजेपी के रणनीतिकारों ने रायबरेली सीट को लेकर बैठक की, जहां पूरा प्लान तैयार किया गाया है।

कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने का बीजेपी कर रही है इंतजार

रायबरेली सीट पर बीजेपी अमेठी की तरह काम कर रही है। जिस तरह से 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को चुनाव हराया था, कुछ उसी तरह के समीकरण बीजेपी रायबरेली सीट के लिए भी तैयार कर रही है।इस क्षेत्र के हिसाब से चुनावी समीकरण सेट करने के साथ ही बीजेपी तीन बड़े नेताओं में से किसी को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतारने के प्रयास में है। बीजेपी अभी कांग्रेस के प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने का इंतजार कर रही है, जैसे ही कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी का ऐलान होता है, उसके बाद बीजेपी भी अपने पत्ते खोल देगी।

अमेठी की तरह कांग्रेस नहीं खोना चाहेगी रायबरेली सीट

बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस भी रायबरेली सीट पर उम्मीदवारों पर चर्चा कर रही है और सियासी समीकरण फिट करने में लगी हुई है। कांग्रेस की विरासत वाली सीट अमेठी और रायबरेली है। अमेठी में 2019 में कमल खिल चुका है, लेकिन रायबरेली में अभी तक कांग्रेस का हाथ ही मजबूत रहा है।सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने के बाद बीजेपी के पास मौका है। यही वजह है कि दोनों दलों ने अभी तक इस सीट पर उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद दोनों दल यहां अपना प्रत्याशी घोषित कर देंगे।

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