जेल में हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे जेएमएम के दिग्गज,लोकसभा चुनाव के मुद्दों पर हुई बात

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भारत के संविधान निर्माताओं ने भले ही कानून के दृष्टिकोण से आम और खास लोगों के बीच किसी भी प्रकार का अंतर या भेदभाव नहीं करने की बात कही हो।लेकिन व्यवहार में यह अंतर आपको साफ दिखाई पड़ जायेगा।राजनेताओं ने तो कई ऐसे कानून ही बना लिए हैं, जो इन्हें आम लोगों से विशिष्ट बनाता है।इनकी विशिष्टता वाली यह व्यवस्था जेलों में भी बरकरार रहती है यही कारण है कि जेल में बन्द रहकर भी अरविंद केजरीवाल सरकार चला रहे हैं,तो झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन जेल से ही लोकसभा चुनाव का संचालन कर रहे हैं।दरअसल कुछ जगह जेएमएम पार्टी के विधायक बागी होकर तो कुछ जगह पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मतदाताओं के कुछ खास वर्ग की नाराजगी लोकसभा चुनाव में जेएमएम को भारी परेशानी में डाल रहा है। इसका प्रभाव उस लोकसभा क्षेत्र के चुनाव पर तो पड़ेगा ही रहा है,जहां ऐसी स्थितियां बनी है,इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव जेएमएम को झारखंड के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी परेशानी में डाल रहा है।

किस – किस  जेएमएम नेता ने जेल में बंद हेमंत सोरेन से की मुलाकात

जमीन घोटाले से जुड़े एक मामले में हेमंत सोरेन फरवरी महीने से ही जेल में बंद है। इस बीच चुनाव की घोषणा होने पर हेमंत सोरेन जेल से ही पार्टी की हर चुनावी गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। जेएमएम विधायक लोबिन हेंब्रम और जोबा मंझी के विरुद्ध हो समाज के उग्र होने से उत्पन्न विपरीत परिस्थिति का समाधान ढूंढने को लेकर राज्य सरकार में मंत्री और हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन, राजमहल से प्रत्याशी विजय हांसदा, गिरिडीह से प्रत्याशी मथुरा महतो और सिंहभूम से प्रत्याशी जोबा मांझी ने होटवार जेल में पूर्व ने हेमंत सोरेन से मुलाकात की और इस संबंध में गहन मंत्रणा की।

राजमहल में जेएमएम विधायक लोबिन हेंब्रम बढ़ा रहे परेशानी

जेएमएम विधायक लोबिन हेंब्रम द्वारा राजमहल लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद वहां जेएमएम का चुनावी दांव फसता हुआ नजर आ रहा ही।भले ही मोदी लहर के बावजूद जेएमएम के विजय हासदा राजमहल लोकसभा सीट से लगातार 2 बार से चुनाव जीतने में सफल रहे हैं,लेकिन लोबीन हेंब्रम की उम्मीदवारी के दावे से ही पार्टी का पसीना उतरने लगा है।हालांकि पार्टी ने इस विषम परिस्थिति से निकलने के लिए यहां क्राइसिस मैनेजमेंट शुरू कर दिया है।

लोबिन और हो समाज से बात करने की जिम्मेदारी बसंत सोरेन को

लोक सभा चुनाव में जेएमएम के समक्ष उत्पन्न इस विषम परिस्थिति से निबटने की दिशा में हेमंत सोरेन के संदेश के साथ लोबिन और हो समाज से बात करने की जिम्मेदारी बसंत सोरेन को दी गयी है।वहीं, जमशेदपुर सीट से प्रत्याशी पर भी बात हुई है। खबर है कि इसकी घोषणा कर दी जायेगी।हेमंत से यह भी बात की गयी कि हो जनजाति के लोग सिंहभूम में जोबा मांझी का विरोध कर रहे हैं।

जेएमएम विधायक चमरा लिंडा भी जेएमएम के लिए बन रहे परेशानी का सबब

लोबिन हेंब्रम के अलावा एक अन्य विधायक जेएमएम विधायक चमरा लिंडा भी जेएमएम की चुनावी परेशानी बढ़ा रहे हैं।जेएमएम विधायक चमरा लिंडा लोहरदगा सीट को लेकर अब भी अड़े हुए हैं।हेमंत ने सबकुछ ठीक होने का आश्वासन दिया है।

जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने दी सफाई

प्रेस वार्ता में इस मामले में पूछे जाने पर जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लोबिन हेंब्रम पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।उनके कुछ सवाल हैं।उन्होंने अभी नामांकन नहीं किया है।पार्टी उनसे संपर्क कर रही है।जल्द ही उन्हें मना लिया जायेगा। उन्होंने सिंहभूम में जोबा मांझी के नाम का हो समाज का विरोध और लोहरदगा से पार्टी विधायक चमरा लिंडा के चुनावी मैदान में उतरने की बात पर कहा कि कहीं कोई विरोध नहीं है।चुनाव में थोड़ी-बहुत नाराजगी चलती रहती है। यह सभी पार्टियों में होता है। कोडरमा में एक खास समाज द्वारा अपने स्तर से जेपी वर्मा को प्रत्याशी घोषित किये जाने पर भी उन्होंने कहा कि यह सब चुनाव के दौरान चलता रहता है।

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