न्यूज़ डेस्क
एनडीए के शामिल रामदास अठावले की, पार्टी आरपीआई भी यूपी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। आज रामदास अठावले ने इस बावत राज्य के मुख्यमंत्री योगी से मिले भी। उन्होंने योगी के सामने अपनी बात भी रखी और अपनी पार्टी की हालत का भी बखान किया। अपने वोट बैंक की भी चर्चा की।
हालांकि योगी की तरफ से अभी कोई बात नहीं कही गई है लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरह अठावले यूपी में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं उससे बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती है। बीजेपी ने अपने सभी घटक दलों को एक दो सीटें देने की बात तो कही है लेकिन अब अठावले की डिमांड से बीजेपी के भीतर असंतोष पैदा हो सकता है।
दरअसल, लखनऊ आए आरपीआई अध्यक्ष रामदास आठवले ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “हमारी मांग थी कि जहां मुस्लिम और दलित आबादी ज्यादा है, वहां हमें एक सीट मिले। हमने कोशिश की कि कम से कम एक सीट तो मिले। हम शासन में योगदान दे सकें। हमने इस पर चर्चा करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगा है। यूपी की सभी 80 सीटों पर RPI के कार्यकर्ता बीजेपी और एनडीए के लिए काम करेंगे, जिसका मतलब है कि हम बीजेपी के साथ हैं और पूरी तरह से एनडीए का हिस्सा हैं। हमें हमारा हिस्सा दिया जाना चाहिए।”
हाल ही में, भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा के 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इनमें से यूपी की 51 सीटें शामिल हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बची हुई 29 सीटों पर भी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान जल्द हो सकता है।
इसी बीच, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दावा किया जा रहा है कि बीजेपी राजभर की पार्टी सुभासपा , निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल, राष्ट्रीय लोकदल और अपना दल सोनेलाल पटेल के लिए 6 सीटें छोड़ेगी। सूत्रों के अनुसार, रालोद को बागपत और बिजनौर, अपना दलएस को मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज, निषाद पार्टी को संतकबीरनगर और सुभासपा को घोसी सीट दी जा सकती है। अब अगर आरपीआई भी चुनावी मैदान में उतरती है तो बीजेपी के पुराने नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती है।

