विकास कुमार
अमेरिकी डिवाइसेज मेकर एप्पल की चीन में आई फोन की सेल्स पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में 2 दशमलव 1 फीसदी घटी है। एप्पल को चीन में सरकार की ओर से की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा हुआवेई जैसी स्मार्टफोन कंपनियों से टक्कर का भी सामना करना पड़ रहा है। एप्पल के लिए चीन तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है।
चीन में सरकारी एजेंसियों और कुछ कंपनियों ने अपने एंप्लॉयीज पर एप्पल का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने सिक्योरिटी के कारणों से कुछ चाइनीज ऐप्स पर बंदिशें लगाई थी। चीन की बड़ी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी हुआवेई के अमेरिका में बिजनेस पर भी बंदिशों का असर पड़ा था। पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में हुआवेई की शिपमेंट्स 36 दशमलव 2 फीसदी बढ़ी हैं। यह चीन में चौथी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन गई है। हालांकि, पिछले साल एपल ने चीन में वीवो को पीछे छोड़कर 17 दशमलव 3 फीसदी मार्केट शेयर के साथ स्मार्टफोन की सबसे अधिक बिक्री की है। यह पहली बार है कि जब एप्पल चीन के स्मार्टफोन मार्केट में पहले स्थान पर पहुंची है। हालांकि, एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इस वर्ष कंपनी की सेल्स पर असर पड़ सकता है।
एप्पल के प्रीमियम स्मार्टफोन्स की चीन में अधिक बिक्री होती है। इस सेगमेंट में चाइनीज स्मार्टफोन मेकर्स से इसे कड़ी टक्कर मिल रही है।एप्पल ने चीन में बिक्री बढ़ाने के लिए इस महीने की शुरुआत में आईफोन्स के प्राइस को घटाया था। कंपनी का मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट, विजन प्रो 2 फरवरी को लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए प्री-ऑर्डर 19 जनवरी को शुरू हो गया है। पिछले साल जून में वर्ल्ड वाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में कंपनी ने इसे पेश किया था। अमेरिका में एप्पल के स्टोर और कंपनी के वेब स्टोर से जरिए यह हेडसेट उपलब्ध होगा। यह ऑग्मेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी दोनों टेक्नोलॉजीज को सपोर्ट करता है। इसका प्राइस 3 हजार 4 सौ 99 डॉलर से शुरू होगा।