लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। कई पार्टी के नेता अपने पूर्व पार्टी को छोड़ रहे हैं, और जिस पार्टी से उन्हें जीत मिलने की संभावना है उसमें जाने की जुगाड़ लड़ा रहे हैं। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी के एक सांसद ने भी मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। इससे पूर्व दो और सांसदों ने भी अपना इस्तीफा जगनमोहन रेड्डी को सौंप दिया था। लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह सांसदों की पार्टी छोड़ने से जगनमोहन रेड्डी के लिए चुनौतियां बढ़ती चली जा रही है मंगलवार को लावू श्री कृष्णा देवरायलु ने अपनी सांसदी के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी। 40 वर्षीय देवरायलु आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के नरसरा ओपेट संसदीय क्षेत्र से सांसद थे। उन्होंने मंगलवार को सुबह मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी के मुखिया जगनमोहन रेड्डी को अपना इस्तीफा भेज दिया। इससे पहले करनूल से सांसद डॉक्टर संजीव कुमार और माचीली सांसद वल्लाभानेनी ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था।
देवरायलु के पार्टी छोड़ने की वजह
पार्टी छोड़ने के अपने निर्णय को लेकर देवरायलु का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे अपना चुनावी क्षेत्र बदलने के लिए कहा था।पार्टी में यहां पर उनके बदले ओबीसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन देवरायलु ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने से मेरी सीट को लेकर पार्टी के अंदर अनिश्चितता है। पिछले दो हफ्ते से मेरे ऊपर सीट बदलने के लिए काफी दबाव है सच कहूं तो मुझे किनारे कर दिया गया है इस अनिश्चितता को खत्म करने के लिए मैंने पार्टी से इस्तीफा देना ही उचित समझा।माना जा रहा है कि देवरायलु जल्दी ही तेलगु देसम पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं।
कुछ और सांसद दे सकते हैं इस्तीफा
फिलहाल जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी के पास लोकसभा में 22 सांसद हैं। लेकिन जिस तरह से लोकसभा चुनाव के पहले इसके सांसदों ने इस्तीफा देना शुरू किया है उस से पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती है इन तीन सांसदों के इस्तीफा के बाद माना जा रहा है कि ओंगोल सांसद मंगुराता श्रीनिवासुलू रेड्डी भी जल्दी ही पार्टी से इस्तीफा देने वाले हैं।
जगन मोहन रेड्डी पार्टी संरचना में कर रहे बदलाव
जगनमोहन रेड्डी अपनी पार्टी वाईएसआरसीपी में आगामी लोक सभा में ज्यादा सीट जीतने के दृष्टिकोण से कई सुधार करने जा रहे हैं।इसी क्रम में वे उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी कई आमूल चूल परिवर्तन करने वाले हैं। इस प्रक्रिया में कुछ सांसदों को टिकट नहीं देने से लेकर कुछ के क्षेत्र बदलने तक की कवायद जारी है। ऐसे में नाराज सांसद पार्टी से इस्तीफा देने का मन बना रहे हैं ।वहीं जगन मोहन रेड्डी भी अपने अभियान को रोकने के मूड में नहीं हैं।

