विकास कुमार
- भारत में जल्द दौड़ सकती है बुलेट ट्रेन
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया खुलासा
- पहले सूरत और बिलिमोरा के बीच चलेगी बुलेट ट्रेन
- 2026 में सूरत और बिलिमोरा के बीच दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
- महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण का काम सौ फीसदी हुआ पूरा
- भूमि अधिग्रहण में देरी की वजह से प्रोजेक्ट नहीं हुआ पूरा
- मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किलोमीटर की बनेगी फास्ट ट्रैक
भारत में जल्द ही साढ़े तीन सौ किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ सकती है। बुलेट ट्रेन को लेकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई जानकारी दी है। वैष्णव ने बताया कि 2026 में मुंबई अहमदाबाद के बीच एक हिस्से में बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने बताया कि सूरत और बिलिमोरा के बीच 2026 में बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को दिया गया है। महाराष्ट्र में प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का काम सौ फीसदी पूरा हो चुका है और तय शेड्यूल के मुताबिक रेलवे के ढ़ांचों का निर्माण हो रहा है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच आठ नदी पर पुल बन चुके हैं, और 272 किलोमीटर तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अहमदाबाद के साबरमती में टर्मिनल का काम लगभग पूरा हो चुका है जबकि मुंबई के बीकेसी कॉम्प्लेक्स में भी फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की आधारशिला 2017 में रखी गई थी,इस मेगा प्रोजेक्ट को दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था,लेकिन भूमि अधिग्रहण में बाधा की वजह से बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हुई। हालांकि अब जमीन के अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है और बुलेट ट्रेन के ट्रेक बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। हालांकि पूरे रूट पर ट्रेन का संचालन कब तक होगा इसकी घोषणा फिलहाल नहीं की गई है।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का सफर कुल पांच सौ आठ किलोमीटर का होगा। दोनों शहरों के बीच का सफर दो घंटे सात मिनट में तय किया जा सकेगा। अभी ट्रेन से ये दूरी करीब पांच घंटे में तय होती है। पांच सौ आठ किलोमीटर के इस रूट पर तीन सौ अड़तालीस किलोमीटर का हिस्सा गुजरात में है। जबकि एक सौ छप्पन किलोमीटर का हिस्सा महाराष्ट्र में होगा। बुलेट ट्रेन के रूट का 92 फीसदी हिस्सा एलिवेटेड होगा तो छह फीसदी हिस्सा टनल के भीतर से होगा। बुलेट ट्रेन के संचालन से इंडियन रेलवे की छवि में निखार आएगा।

