बीरेंद्र कुमार झा
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद से ही वहां मुख्यमंत्री के पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ताना- तानी काफी बढ़ गई थी। हालांकि बाद में कॉन्ग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बनने में सफल हुए और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री के पद से ही संतोष करना पड़ा।इसके बावजूद दोनों के बीच का ताना – तानी समाप्त नहीं हुआ।दोनो ही खेमा अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए जबतब प्रयाश करते रहते हैं।अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खेमा के वरिष्ठ मंत्रियों की चुनिंदा मंत्रियों के समूह ने एक बैठक की, जिसमें डीके शिवकुमार का कद छोटा छोटा करने का प्रयास किया गया।इस बैठक में भाग लेनेवाले ज्यादातर मंत्री अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के थे।इस बैठक में आलाकमान पर इस बात के दबाव बनाने की रजामंदी हुई कि राज्य में डीके शिवकुमार के अलावा और भी उपमुख्यमंत्री बनाया जाय।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खेमा भी है सक्रिय
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खेमे की वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक से पूर्व डीके शिवकुमार के समर्थक नेताओं ने भी 4 जनवरी को एक बैठक आयोजित की थी।यह बैठक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास पर आयोजित की गई थी। इस बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर इस बात का दबाव बनाए रखने का प्रयास किया गया जिससे डीके शिवकुमार को उनके पद पर बनाए रखने के साथ-साथ,राज्य में और ज्यादा उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति न हो सके।
भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी हैं डीके शिवकुमार
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 2019 में एक भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था ।सिद्धरामैता की सरकार ने उपमुख्यमंत्री डीके शिव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की सहमति वापस लेने का निर्देश दिया है।सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के इस फैसले के खिलाफ सीबीआई अपील में चली गई है।
वर्तमान बैठक में सिद्धारमैया प्रत्यक्ष रूप नहीं रहे उपस्थित
इस बैठक से पूर्व जब अक्टूबर 2023 में गृह मंत्री जी परमेश्वर की आवास पर एक से अधिक मुख्यमंत्री को लेकर बैठक हुई थी,तो उसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी भाग लिया था, लेकिन इस बार की बैठक में उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया और उनके समर्थक मंत्रियो ने ही बैठक की।। इस बैठक में गृह मंत्री परमेश्वर, समाज कल्याण मंत्री एच सी महादेवप्पा,खाद्य मंत्री के एच मुनियप्पा के साथ-साथ सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना, जारकीहोली और स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भाग लिया । बैठक के बाद मंत्रियों ने संकेत दिया कि इस बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव और अतिरिक्त डिप्टी सीएम की नियुक्तियां सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई ।
बैठक में शामिल मंत्रियों का तर्क
सहकारिता मंत्री रजन्ना का कहना है कि उनका विचार है कि कांग्रेस का समर्थन करने वाले जाति समूहों से अधिक डिप्टी सीएम की नियुक्ति से पार्टी को लोकसभा चुनाव में फायदा होगा। उन्होंने कहा मैं किसी नेता की ओर से यह सब नहीं बोल रहा हूं। मेरा मानना है अगर तीन डिप्टी सीएम नियुक्त किए जाते हैं, तो इसे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा होगा। अब यह पार्टी को तय करना है कि वह मेरे सुझाव के आधार पर कोई निर्णय लेंगे या नहीं लेंगे,लेकिन मैंने यह बात उनके ध्यान में ला दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा तीन प्रमुख राज्यों में कई डिप्टी सीएम की नियुक्ति राज्यों की विभिन्न जातियों की स्थिति को देखते हुए ही किया गया है ।खासकर एससी और एसटी समुदाय से उपमुख्यमंत्री बनाया गया तो इससे कांग्रेस पार्टी को आगामी लोकसभा चुनाव में ज्यादा फायदा मिलेगा।

