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बीरेंद्र कुमार झा
राहुल गांधी को शायद यह लगता है कि चुनाव जीतने के लिए ऐसी राजनीतिक यात्रा एक बड़ा हथियार है।दरसाल इनकी पिछली भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस ने उत्तर में हिमाचल प्रदेश और इसके कुछ समय के बाद दक्षिण में कर्नाटक का चुनाव जीता था। इसी सोच के साथ वह अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व ही 14 जनवरी से पूर्व से पश्चिम भारत के लिए भारत न्याय यात्रा निकालने जा रहे हैं ।लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की यात्रा के पूर्व निर्धारित नाम भारत न्याय यात्रा को बदल दिया है। अब इसका नाम भारत न्याय यात्रा की जगह पर भारत जोड़ो न्याय यात्रा होगा।गुरुवार को पार्टी की वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस बात की जानकारी प्रेस में दी।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बीते साल 5 महीने तक चली भारत जोड़ो यात्रा से लोग खूब जुड़े थे और यह नाम लोगों के दिल में बैठ गया था। इसलिए हम नई यात्रा में भी भारत जोड़ो नाम शामिल कर रहे हैं।जयराम रमेश ने कहा कि महासचिवों,प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों और विधानसभा में नेता विपक्ष की मीटिंग में यह फैसला लिया गया ।
हिंसा प्रभावित राज मणिपुर से होगी राहुल की इस यात्रा की प्रारंभ
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी की पूर्व की भारत जोड़ो यात्रा एक ब्रांड बन गई थी, और उसने लोगों के दिल में एक बड़ी जगह बना ली थी। हमें इसे नहीं भूलना चाहिए। इस यात्रा में कन्याकुमारी से श्रीनगर तक का सफर तय किया गया था और इसका असर भी दिखता है।जयराम रमेश ने इस दौरान राहुल गांधी के प्रस्तावित भारत जोड़ो न्याय यात्रा का रूट मैप भी पेश किया। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत हिंसा से प्रभावित राज्य मणिपुर की राजधानी इंफाल से 14 जनवरी को दोपहर 12:00 बजे से होगी।इस मार्च का कुल रूट 6700 किलोमीटर लंबा होगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 66 दिनों का होगा और इसमें राहुल गांधी दो बार भाषण देंगे।इस यात्रा का समापन महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में होगी।
नाम के अलावा भी हुए कुछ बदलाव
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी बताया कि आज की मीटिंग के बाद इस यात्रा के नाम के अलावे रूट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस यात्रा को अरुणाचल प्रदेश भी ले जाया जाएगा। जयराम रमेश ने कहा हमारी आज की बैठक में इस बात की चर्चा हुई कि अरुणाचल प्रदेश को भी इस यात्रा में शामिल किया जाए ,जो हमारे दिमाग में हमेशा से था। अरुणाचल प्रदेश के शामिल होने के बाद अब 15 राज्यों से यह भारत जोड़ो न्याय यात्रा यात्रा गुजरेगी। दरअसल शुरुआती दौर में कांग्रेस ने यात्रा की योजना अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट से गुजरात के पोरबंदर तक जाने की थी। फिर मणिपुर में हिंसा को देखते हुए कांग्रेस ने प्लान बदला और मणिपुर से मुंबई तक मार्च का फैसला लिया गया, हालांकि बीजेपी के एक नेता ने तब यह सवाल उठाया था कि क्या चीन को खुश करने के लिए कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश को छोड़ा है तो अब कांग्रेस द्वारा अरुणाचल प्रदेश को फिर से यात्रा में शामिल करने से बीजेपी को भी इसका जवाब मिल गया होगा।
विपक्ष के नेताओं को भीभारत जोड़ो न्याय यात्रा में मिलेगी जगह
राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रस्तावित इस भारत जोड़ो न्याय यात्रा के तहत सबसे लंबी दूरी 1000 किलोमीटर,उत्तर प्रदेश में तय किया जाएगा। इस राज्य से कांग्रेस का एक ही सांसद सोनिया गांधी है।जयराम रमेश ने कहा कि इस यात्रा में भी विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि मार्च के तहत15 राज्यों के कुल 110 जिलों को कवर किया जाएगा। गौरतलब है कि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता को लेकर अभी भी सवाल उठाये जाते हैं ,क्योंकि इस यात्रा के दौरान ही कांग्रेस पार्टी को गुजरात में बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद तीन हिंदी भाषा राज्यों में भी उसे हार झेलना पड़ा है।

