न्यूज़ डेस्क
वही हुआ जो होना था। आखिरकार शनिवार को महिला रेसलर विनेश फोगाट ने अपने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार को प्रधानमंत्री मोदी के आवास के सामने रख दिया। पहले पीएम आवास के भीतर जाने की कोशिश की लेकिन जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका तो वही प्रदाहनमंत्री कार्यालय के बहार कर्त्तव्य पथ पर अपने पुरस्कार को रख दिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे उठा लिया।
बजरंग पूनिया ने एक्स पर लिखा, “यह दिन किसी खिलाड़ी के जीवन में न आए। देश की महिला पहलवान सबसे बुरे दौर से गुजर रही हैं।” विनेश और उनके साथी प्रधानमंत्री कार्यालय जाना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। उसके बाद विनेश ने कर्तव्य पथ पर अपने पुरस्कारों को रख दिया।
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे। इसमें संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद साक्षी मलिक ने यह कहते हुए कुश्ती से संन्यास ले लिया कि फिर से बृजभूषण जैसा ही चुना गया है तो क्या करें? इसके बाद बजरंग ने पद्म श्री लौटाया और अब विनेश ने अपना खेल रत्न लौटा दिया है। पैरा एथलीट वीरेंद्र सिंह भी अपना पद्म श्री लौटाने की बात कह चुके हैं।
दिग्गज महिला रेसलर विनेश की उपलब्धियों की बात करे तो उसकी उनकी महानता उन्हें मिले पदक से मिलती है। वर्ष 2022 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2019 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य जीता एयर फिर वर्ष 2018 में एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2014, 2018 व 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक प्रतिष्ठित लॉरियस अवार्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय एथलीट बनी थी। भारत को इस दिग्गज खिलाडी पर नाज रहा है।
विनेश फोगाट ने अर्जुन अवाॅर्ड व मेजर ध्यान चंद खेल रत्न अवाॅर्ड लौटाने की घोषणा की है। उन्होंने वर्ष 2016 में अर्जुन अवाॅर्ड व वर्ष 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवाॅर्ड मिला था।

