पटना (बीरेंद्र कुमार): बिहार में राज्य सरकार शिक्षक नियोजन नियमावली 2020 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया और नियोजन इकाई को केंद्रीकृत किया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं को इससे या तो अलग कर दिया जाएगा या फिर उनकी भूमिका सीमित कर दी जाएगी। सरकार संशोधित नियमावली को जल्दी ही कैबिनेट में पेश किए जाने की तैयारी कर रही है।
शिक्षा मंत्री ने दिया इस आशय का संकेत
शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में बदलाव लाने का संकेत शिक्षा मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने झंझारपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियोजन नीति में बदलाव करने की जरूरत है। पूर्व में नियोजन इकाइयों ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है। इसमें परिवर्तन लाने के लिए सरकार काम कर रही है। पंचायती सिस्टम से बाहर निकालकर नियोजन की एक केंद्रीकृत व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी के तहत सातवें चरण का शिक्षण का नियोजन भी होगा। शिक्षा के आधारभूत संरचना के लिए ढाई सौ करोड़ की योजना को स्वीकृति दी गई है।
दो विकल्पों पर हो रहा विचार
बिहार सरकार शिक्षक नियोजन के लिए 2 विकल्पों पर विचार कर रही है। एक विकल्प के अनुसार नियोजन के लिए बीपीएससी जैसी किसी संस्था को इसका जिम्मा दे दिया जाएगा जो आवेदन लेने से लेकर कॉन्सलिंग और मेरिट लिस्ट तक की प्रक्रिया को पूरी करेगा। वही दूसरे विकल्प के अनुसार नियोजन इकाइयों को ऑनलाइन आवेदन भेज दिया जाएगा और काउंसलिंग को छोड़कर बाकी सभी प्रक्रिया शिक्षा विभाग द्वारा अधिकृत परीक्षा लेने वाली कोई संस्था करेगी।

