न्यूज़ डेस्क
इहमास और जराइल के बीच अभूतपूर्व युद्ध को देखते हुए शनिवार को भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को “सतर्क रहने” और “सुरक्षा नियमों का पालन” करने की सलाह दी है। बता दें कि आज सुबह से ही हमास ने पहले इजरायल पर बड़ा हमला किया इसके बाद इजरायल ने इसे युद्ध घोषित करते हुए जवाबी कार्रवाई की है। इजरायल भी पूरी ताकत के साथ हमास पर हमला कर रहा है। इस हमले में बड़ी संख्या में लोगों की जाने गई है। लेकिन हमास के हमले में इजरायली हताहतों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। दो सौ से ज्यादा लोगों के मारे जाने की बात की जा रही है जबकि हजारों लोग गंभीर रूप से आज घायल हुए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमास उग्रवादियों के हमले के मद्देनजर इजराइल के प्रति एकजुटता व्यक्त की। मोदी ने इजराइल पर हुए हमास के हमले को ‘आतंकवादी हमला’ करार देते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि इजराइल में आतंकवादी हमलों की खबर से स्तब्ध हूं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ित परिवारों के साथ हैं। इस कठिन घड़ी में हम इजराइल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।’ भारत में इजरायल के राजदूत ने प्रधानमंत्री को इसके लिए आभार भी जताया है। उधर दुनिया के कई और देश भी इजरायल के समर्थन में आ खड़ा हुआ है।
उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने “युद्ध” की घोषणा करते हुए कहा है कि उनका देश दुश्मन से “अभूतपूर्व कीमत” वसूल करेगा।
दूतावास ने अपने परामर्श में कहा, “इजराइल में वर्तमान स्थिति को देखते हुए, इजराइल में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि वे सतर्क रहें और स्थानीय अधिकारियों की सलाह के अनुसार सुरक्षा नियमों का पालन करें। कृपया सावधानी बरतें, अनावश्यक आवाजाही से बचें और सुरक्षित स्थलों के करीब रहें। परामर्श अंग्रेजी, हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयाली और कन्नड़ भाषाओं में जारी किया गया है। दूतावास की वेबसाइट पर दिए गए विवरण के अनुसार, इजरायल में लगभग 18,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें मुख्य रूप से इजराइली बुजुर्गों, हीरा व्यापारियों, आईटी पेशेवरों और छात्रों की देखभाल करने के लिए नियुक्त लोग शामिल हैं। इजराइल में भारतीय मूल के लगभग 85,000 यहूदी भी हैं जो पचास और साठ के दशक में भारत से इजरायल गए थे।

