बीरेंद्र कुमार झा
सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में बहुचर्चित नेशनल शूटर तारा सहदेव प्रकरण से जुड़े 8 वर्ष पुराने यौन उत्पीडन, दहेज प्रताड़ना। और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में सुनवाई हुई।lइस दौरान कोर्ट ने तीनों दोषियों रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन, हाई कोर्ट के बर्खास्त पूर्व रजिस्ट्रार (विजिलेंस) मुस्ताक अहमद और कोहली की मां कौशल रानी के खिलाफ सजा का ऐलान कर दिया है। सीबीआई कोर्ट ने रकीबुल को आजीवन कारावास की सजा के साथ – साथ ₹50 हजार का जुर्माना भी लगाया है । रंजीत कोहली धारा एमक्यू120 बी,376,323,298,506 496 में दोषी पाया गया है।वहीं कौशल रानी को आईपीसी की धारा 120बी 298 ,506 और 323 में दोषी पाअ या गया है कौशल रानी को 10 साल के कारावास की सजा और 50 हजार रुपए जा जुर्माना लगाया गया है। मुस्ताक अहमद को आईपीसी की धारा 120बी और 298 में दोषी पाया गया है। मुस्ताक अहमद को 15 वर्ष सश्रम कारावास और ₹50हजार का जुर्माना जमाना लगाया गया है।
7 जुलाई 2014 को हुआ था तारा सहदेव का विवाह
रणजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन एवम तारा शाहदेव का विवाह 7 जुलाई 2914 को हुआ था। ब्याह के बाद से ही तारा शाहदेव के साथ पति रकिबुल हसन द्वारा उत्पीड़न और मारपीट की घटनाएं की जाने लगी थी।धर्म छुपा कर ब्याह करने , यौन उत्पीडन,और धर्म परिवर्तन का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। बाद में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2015 में सीबीआई ने मामले को टेकओवर करते हुए जांच शुरू की थी।जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2018 में चार्ज सीट तैयार की गई थी।
तारा सहदेव को कुत्ता ब्रूनो से कटवाया जाता था
गौरतलब है की शादी के 4- 5 दिन बाद तारा शहदेव को प्रतिबंधित मांस खिलाया गया था।साथ ही हिंदू धर्म के बारे में अनाप-शनाप बोलने के लिए कहा गया। रकीबुल का विरोध करने पर उसे कमरे में बंद कर मारा- पीटा जाता था।कुत्ता ब्रूनो से कटवाया जाता था तारा शहदेव को प्रताड़ित करने के मामले में हिंद पीढ़ी थाना में रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ 19 अगस्त 2014 को मामला दर्ज कराया गया था ।इसमें धर्म परिवर्तन एवं उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। झारखंड पुलिस ने अदालत में धारा 34/498 ए के तहत रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की ।लेकिन तारा शाहदेव पुलिस की ओर से दाखिल कर चार्ज सीट से संतुष्ट नहीं थी।तारा ने पुलिस की जांच का पुरजोर विरोध किया था।

