अब राजभवन में कोलकाता पुलिस की जगह सीआरपीएफ संभालेगा कमांड

0
213

बीरेंद्र कुमार झा

पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव जारी है ।राजभवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजभवन और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के आवासीय तल और कार्यालय तल में सीआरपीएफ तैनात करने के लिए कदम उठाए गए हैं। ओसी से सिफारिश की गई है कि राज्यपाल के आवास और कार्यालय परिषर से कोलकाता पुलिस को हटा दिया जाए। राजभवन के बाहरी क्षेत्र,गेट, और प्रांगण की सुरक्षा सीआरपीएफ संभालेंगे, जैसे कोलकाता पुलिस संभालती है।राज्यपाल कोलकाता पुलिस को राजभवन से हटाना चाहते हैं। राज भवन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि राज्यपाल कोलकाता पुलिस को हटाकर सीआरपीएफ को अपने आवास और कार्यालय में क्यों रखना चाहते हैं।

राज्यपाल पर निगरानी रख रही थी कोलकाता पुलिस

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज भवन के कुछ हिस्से में ऐसी धारणा थी कि कोलकाता पुलिस बल राज्यपाल और उनके दल की निगरानी कर रहे थे।यही कारण है कोलकाता पुलिस को हटाकर सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों को तैनात करने का आग्रह किया गया।राज्यपाल केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि है, इसलिए वह केंद्रीय बलों पर अधिक भरोसा जाता रहे हैं। हालांकि इसमें कोई संदेह नहीं है कि राज्यपाल के फैसले ने राज्य सरकार के साथ पहले से चल रहे टकराव में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

कुणाल घोष ने राज्यपाल पर किया कटाक्ष

सत्तारूढ़ तृणमूल पार्टी ने राज्यपाल के इस फैसले पर जोरदार हमला बोला है।सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं में से एक कुणाल घोष ने गुरुवार को कहा की दरअसल राज्यपाल को भूत दिख रहे हैं, क्योंकि वह जटिलताएं पैदा कर रहे हैं।उन्हें फिर से उलझने की चाहत है।इससे पहले भी कई राज्यपाल आए हैं,किसी ने ऐसा नहीं किया था।जगदीप धनखड़ ने भी नहीं, लेकिन यह कुछ ज्यादा ही तमाशा बना रहे हैं।

राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव जारी

विश्वविद्यालय के कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर नवान्न व राज भवन के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। इसके साथ ही धूपगुड़ी उपचुनाव जीतने वाले उम्मीदवार निर्मल चंद्र राय के शपथ ग्रहण को लेकर राज्य विधानसभा के साथ राज्यपाल की उलझन की वजह से टकराव और भी बढ़ने वाला है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here