विकास कुमार
बीजेपी नेता पंकजा मुंडे की परली स्थित वैद्यनाथ सहकारी साखर कारखाना पर कार्रवाई को लेकर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने बयान दिया है। सुले ने एक्स पर लिखा है कि ‘अपनों पर सितम, गैरों पर करम’ यही स्थिति बीजेपी में मूल कार्यकर्ताओं की है। बीजेपी के वफादारों को बीजेपी के भीतर ही धोखा दिया जा रहा है,और बाहरी नेताओं की पांचों उंगलियां मक्खन में हैं।
वहीं केंद्रीय जीएसटी आयुक्त ने परली में पंकजा मुंडे की वैद्यनाथ सहकारी चीनी फैक्ट्री की 19 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है। जीएसटी विभाग ने अप्रैल महीने में पंकजा मुंडे की वैद्यनाथ सहकारी चीनी फैक्ट्री पर भी छापा मारा था। इस कार्रवाई को लेकर सांसद सुप्रिया सुले ने बीजेपी पर निशाना साधा है। सुप्रिया सुले ने कहा है कि अपने ही कार्यकर्ता की उपेक्षा करने की परंपरा बीजेपी में निहित है।

सुप्रिया ने बीजेपी पर साधा निशाना है,बीजेपी के मूल कार्यकर्ताओं की स्थिति यह है कि पुरानी हिंदी फिल्मों का गाना ‘अपनों पे सितम, गैरों पे करम’ याद कर लेना चाहिए। बीजेपी के वफादारों के साथ कितना अन्याय होता है। इसका उदाहरण देना हो तो पंकजाताई मुंडे के साथ हुए व्यवहार का उदाहरण देना होगा। दूसरे दलों से बीजेपी में आए नेताओं की फैक्ट्री को मदद का हाथ दिया गया है। लेकिन पंकजाताई मुंडे की फैक्ट्री को इससे बाहर रखा गया। दिलचस्प बात यह है कि पंकजा ताई की फैक्ट्री करोड़ों रुपये की आयकर छूट योजना में शामिल नहीं है। इसके अलावा नए लोन के लिए कोई गारंटी नहीं दी गई। उल्लेख करने योग्य बात यह है कि आदरणीय पवार साहेब ने पंकजा ताई की फैक्ट्री की मदद के लिए मोर्चा संभाला था।
सुले का कहना है कि बीजेपी के वफादारों को बीजेपी के भीतर ही धोखा दिया जा रहा है। लेकिन बाहरी नेताओं की पांचों उंगलियां मक्खन में हैं। दरअसल पंकजा मुंडे को बीजेपी आलाकमान ने हाशिए पर डाल रखा है। उनकी फैक्ट्री पर पड़ा छापा पंकजा मुंडे की छवि बिगाड़ने की भी रणनीति हो सकती है,लेकिन इससे आखिरकार नुकसान बीजेपी को ही होगा।

