संपूर्ण नहीं निजता का हक,जनहित के लिए किया जा सकता है प्रतिबंधित, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

0
293

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि निजता का अधिकार व्यक्तिगत स्वायत्तता और स्वतंत्रता की अवधारणा में निहित है, मगर यह एक संपूर्ण अधिकार नहीं है। जनहित के लिए इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है। सरकार ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर डिजिटल उपकरणों को जब्त करती हैं और इनकी वापसी के लिए हर मामले में एक जैसा आदेश नहीं दिया जा सकता।

केंद्र सरकार ने कुछ अकादिमिक शख्सियतों और शोधार्थियों के समूह की और से दायर याचिका के जवाब में हलफनामा दिया है। याचिका में हलफनामा दिया हे। याचिका में शीर्ष कोर्ट से मांग की गई है कि सरकारी जांच एजेंसियों को निजी डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उनकी सामग्री की जब्ती,परीक्षण व संरक्षण के लिए दिशा निर्देश जारी करे। याचिका में यह भी मांग की गई है कि शिक्षाविदों और शोधार्थियों के जब्त उपकरणों की वापसी के लिए सामान्य आदेश जारी किया जाए।

जांच के दायरे में आये उपकरणों की वापसी का कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया जा सकता

इस मांग का विरोध करते हुए केंद्र ने हलफनामें में कहा कि कई मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के दायरे में आए उपकरणों की वापसी का कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया जा सकता। केंद्र ने कहा कि कुछ मामलों में जांच एजेंसियां आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 451 के तहत उपकरण के हार्ड ड्राइव में सुरक्षित डाटा की प्रक्रिया बनाकर जरूर दे सकती है।

याचिका में दावा: जांच एजेंसियों की शक्ति गैर निर्देशित

याचिका में कहा गया है कि जिन उपकरणों में किसी नागरिक के निजी और पेशेवर जीवन की जानकारियां दर्ज हों उन्हें जब्त​ करने में जांच एजेंसियां पूरी तरह गैर निर्देशित शक्ति का उपयोग करती हैं,इसलिए मामले में शीर्ष अदालत के निर्देशों की जरूरत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here