अखिलेश अखिल
रूस -यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग मास्को पहुंचे हैं। जोंग ने यह यात्रा अपनी शानदार निजी ट्रेन से की है। खबर के मुताबिक जोंग मास्को में पुतिन से शिखर वार्ता करेंगे और मास्को को हर संभव सहयोग जोंग कर सकते हैं। खबर के मुताबिक अमेरिका को सबक सिखाने के लिए जोंग ने मास्को को हर संभव आधुनिक हथियार देने की बात कही थी और अब माना जा रहा ही कि पुतिन से मुलाकात के बाद जोंग रूस को हथियार देने की शुरुआत कर सकते हैं। खबर ये भी है कि जोंग के रूस पहुँचने पर अमेरिका की परेशानी बढ़ गई है। इस समय रूस के खिलाफ भले ही यूक्रेन लड़ रहा है लेकिन यूक्रेन के पीछे अमेरिका समेत नाटो देश है। अब जबकि उत्तर कोरिया के तानाशाह जोंग ने पुतिन के साथ गठबंधन कर रहे हैं ,अमेरिका की परेशानी बढ़ सकती है। जोंग हमेशा अमेरिका के खिलाफ बोलते रहे हैं।
किम जोंग उन अपनी शानदार सजी हुई निजी ट्रेन से रूस पहुंचे हैं। उनके साथ अन्य राजनयिकों और सैन्य कमांडरों के अलावा आर्म्स इंडस्ट्री के टॉप अधिकारी भी थे। इस दौरे में किम जोंग उन और पुतिन के बीच बातचीत का मुद्दा पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते मजबूत करना होगा। इसके अलावा दोनों देश अमेरिका की चुनौती से निपटने को लेकर भी रणनीति बना सकते हैं।
किम जोंग उन के ट्रेन से रूस पहुंचने की तस्वीर वायरल होने के बाद ये सवाल कई लोगों के मन में उठ रहा है कि आखिर किम जोंग उन हवाई जहाज़ से यात्रा करने की जगह ट्रेन से सफर करना क्यों पसंद करते हैं? रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन के पिता, किम जोंग इल और उनके दादा, किम इल सुंग, दोनों उड़ान भरने से डरते थे। यह डर संभवतः तब पैदा हुआ जब किम जोंग इल और किम इल सुंग ने एक उड़ान के दौरान अपने जेट में विस्फोट देखा था। इस घटना के बाद किम इल सुंग 1986 में एक बार सोवियत संघ गए थे। यह आखिरी बार था जब उत्तर कोरियाई नेता ने तीन दशकों से अधिक समय में हवाई मार्ग से विदेश यात्रा की थी।
हालांकि, कथित तौर पर किम जोंग उन स्विट्जरलैंड में अपने बोर्डिंग स्कूल के दिनों के दौरान लगातार उड़ान भरते थे. लेकिन 2011 में पदभार संभालने के बाद से उन्होंने उड़ान भरना लगभग बंद कर दिया. 2018 में आखिरी बार वह तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मुलाकात के लिए सिंगापुर हवाई जहाज से ही गए थे। कई लोगों का मानना है कि ट्रेन से यात्रा करने के पीछे का कारण अपने परिवार की परंपरा का पालन करना और अपने बड़ों के प्रति सम्मान दिखाना हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन की ट्रेन, वही है जिसे उनके पिता और दादा इस्तेमाल करते थे। इसमें आलीशान सोफे और कॉन्फ्रेंस रूम की व्यवस्था है। ट्रेन में 21 बुलेटप्रूफ गाड़ियां रहती हैं। उन के काफिले में दो ट्रेन चलती है। लगभग 100 सुरक्षा एजेंटों को संभावित खतरों से निपटने के लिए स्टेशनों पर आगे भेजा जाता है, जबकि अन्य ट्रेनों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए स्टेशनों पर बिजली बंद कर दी जाती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किम जोंग उन की ट्रेन इतनी भारी है कि यह 59 किमी/घंटा से अधिक नहीं चल सकती है। पर मजबूती के मामले में इसकी तुलना लंदन की हाई-स्पीड रेल से की जाती है जो लगभग 200 किमी/घंटा और जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती है।

