विकास कुमार
बांग्लादेशी महिला सोनिया अख्तर किसी भी हालत में समझौता करने के लिए राजी नहीं है। वह किसी भी कीमत पर अपने बेटे को उसका हक दिलाना चाहती है। सोनिया अख्तर ने कहा कि वह अपना धर्म कभी नहीं बदलेगी। अगर सौरभकांत तिवारी पहली पत्नी को साथ भी रखते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। पति सौरभकांत तिवारी के लिए बांग्लादेश से नोएडा पहुंची सानिया अख्तर अपना कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है। उधर, सौरभकांत तिवारी भी सोनिया अख्तर को साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। सोनिया का कहना है कि सौरभ ने शादी की है तो उसे निभाना भी पड़ेगा।
वहीं सोनिया अख्तर ने केंद्र सरकार से अनुमति दिलाने के लिए बांग्लादेश के दूतावास से मदद मांगी है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद सोनिया इंसाफ के लिए न्यायालय में गुहार लगाएगी। सोनिया अख्तर का दावा है कि वह हर हाल में पति सौरभ कांत तिवारी को हासिल करके रहेगी। सोनिया ने कहा कि वह अब भारत में ही रहेगी, बांग्लादेश वापस नहीं जाएगी। सोनिया अख्तर छह महीने के वीजा पर आई है अब यहीं रहकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगी,उन्हें भारत के कानून पर भरोसा है। यहां महिलाएं आजादी से रह सकती हैं और अपने हक की लड़ाई भी लड़ सकती हैं। सोनिया ने बताया कि बांग्लादेश में रहने से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है और लोग उसे तरह तरह के ताने देते हैं। इसलिए अब भारत में ही रहना चाहती हैं,उन्होंने बताया कि वह किसी भी कीमत पर अपने पति को नहीं छोड़ेगी। इस मामले में सौरभकांत तिवारी को पहल करनी चाहिए और कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए।

