चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के बाद सबसे पहले क्या करेगा चंद्रयान-3

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बीरेंद्र कुमार झा

इसरो से प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्रयान – 3 अबतक सारे काम सुनियोजित रूप से कर रहा और अगर सबकुछ ठीक रहा तो यह 23 अगस्त को शाम 6 बजे के आस – पास चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर उतरने में सफल हो जायेगा।चंद्रमा की सतह पर 23 अगस्त को विक्रम लैंडर के उतरने के बाद उसमें मौजूद रोवर प्रज्ञान तुरंत अपना काम शुरू कर देगा। वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को आंकड़े भेजने लगेगा ।रिपोर्ट के मुताबिक इसरो ने इन आंकड़ों के विश्लेषण के लिए भी व्यापक इंतजाम किए हैं इसके लिए अलग-अलग वैज्ञानिकों की टीम तैयार की गई है।

चंद्रायन 3 के भेजे आंकड़ों से संबंधित जानकारी सबसे पहले इसरो करेगा जारी

इसरो की कोशिश है कि चंद्रयान-3 के आंकड़ों पर आधारित कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी की घोषणा का शोध पत्र का प्रकाशन सबसे पहले इसरो के द्वारा ही किया जाए। दरअसल 2008 में चंद्रयान के भेजे आंकड़ों की मदद से नासा ने पहले घोषणा कर दी थी, इसलिए इस बार इसरो अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं रखना चाहता है।

प्रज्ञान रोवर 14 दिनों तक चन्द्रमा की सतह पर घूम घूम कर जुटाएगा हर तरह की जानकारी

लैंडर विक्रम की लैंडिंग के बाद प्रज्ञान रोवर इससे निकलकर चंद्रमा की सतह पर 14 दिन तक घूम घूम कर आंकड़े एकत्र करेगा। इसमें लगे दो उपकरणों में से एक अल्फा पार्टिकल एक्स ,- रे स्पेक्ट्रोमीटर (APXS) चंद्रमा की सतह का रासायनिक विश्लेषण करेगा,जबकि दूसरा लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडून स्पेक्ट्रोस्कोप (LIBS) किसी धातु की खोज और उसकी पहचान करेगा।

इसरो अधिकारियों के मुताबिक दोनों उपकरणों की तकनीक अलग अलग है ,लेकिन काम करीब करीब एक जैसा ही है।ये उपकरण स्वतः ही कार्य करेंगे और उसके आंकड़े रोवर से सीधे लैंडर विक्रम और फिर प्रोपेल्सन माड्यूल के पास पहुंचेगे।ये दोनों उपकरण इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (IDSN) से जुड़े रहेंगे।कर्नाटक के व्यालालू में स्थित इस प्रयोगशाला में सीधे आंकड़े प्राप्त होंगे और वैज्ञानिक उनका विश्लेषण शुरू करेंगे।

 

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