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डिजिटल डकैत सावधान ! जालसाजों पर अब लगाम लगाएगी सरकार

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नई दिल्ली: आज के दौर में हम कहीं मूवी देखने जाते हैं तो सबसे पहले रिव्यू चेक करते हैं। ई कॉमर्स वेबसाइट पर कोई सामान खरीदने की सोचते हैं तो उस प्रोडक्ट का रिव्यू देखकर ही सामान खरीदने या ना खरीदने का फैसला लेते हैं। अगर रिव्यू अच्छा हुआ तो सामान खरीद लिया और जब सामान डिलिवर हुआ तो सिर पकड़ कर बैठ गए। क्योंकि रिव्यू और सामान की डिटेल आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। ऐसे में आप खुद को ठगा महसूस करते हैं। आज के दौर में कई कंपनियां फर्जी रिव्यू का सहारा लेकर ग्राहकों से धोखाघड़ी कर रही हैं, लिहाजा साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर फेक रिव्यूज की जांच करेगी सरकार!

केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के साथ मनमानी और धांधली करने वाली ई-कामर्स कंपनियों पर शिकंजा कसने वाली है। इसके लिए दो दशक से भी ज्यादा पुराने नियमों में बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि नकली रेटिंग और रिव्यू की जांच करने के लिए उपभोक्ता मामलों के विभाग (DOCA) ने कदम उठाया है। इसके तहत भारत में ई-कॉमर्स इकाइयों की ओर से अपनाई जा रही रही मौजूदा व्यवस्था और ग्लोबल स्तर पर मौजूद नियम कानून का अध्ययन करने के बाद एक मसौदे को अंतिम रूप दिया है।

ऑनलाइन शिकायतों में लगातार हो रहा इजाफा

ऑन लाइन कारोबार करने वाली कई कंपनियों के खिलाफ शिकायतों में कई गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से अक्टूबर के दौरान उपभोक्ता हितों से जुड़ी कुल शिकायतों में 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें खुदरा दुकानों की शिकायतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि तादाद के हिसाब से ई-कामर्स कंपनियां टॉप पर हैं। इन सात महीनों में दो लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। लिहाजा ऑनलाइन ठगों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

ऑनलाइन ठगों पर कसेगी नकेल

ई-कॉमर्स वेबसाइट, होटल और ट्रैवल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर रीव्यू और स्टार रेटिंग्स काफी मायने रखती है क्योंकि ये वो प्लेटफॉर्म होते हैं जो रिव्यूज और स्टार रेटिंग्स पर काफी हद तक निर्भर करती हैं लिहाजा कई कंपनियां फर्जी रिव्यू और रेटिंग्स का सहारा लेकर ग्राहकों को गुमराह करने का काम कर रही हैं। ई-कामर्स कंपनियों के पुराने पड़ चुके बायलॉज को दुरुस्त करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने संशोधित बायलॉज का प्रारुप तैयार कर मंत्रालय को सौंप दिया है। लेकिन उसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक उपभोक्ताओं की ओर से लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।

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