रांची (बीरेंद्र कुमार): इस समय झारखंड में बिजली का संकट तेजी से गहराता चला जा रहा है। राज्य में पीक आवर में लगातार 500 मेगावाट तक बिजली की कम आपूर्ति हो रही है। बिजली आपूर्ति की इस कमी की वजह से राज्य में औसतन 6 से 7 घंटे तक लोडशेडिंग हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो यह स्थिति और भी खराब है। वहां 10 से 12 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है।
झारखंड के किस हिस्से में कितनी बिजली कटौती
झारखंड की राजधानी रांची में सुबह के वक्त 3 घंटे और शाम के वक्त पीकआवर में 3 घंटे इसके अलावा शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच भी कई बार लोडशेडिंग की जा रही है। जमशेदपुर, देवघर,और दुमका में 6 घंटे तक की लोडशेड हो रही है, जबकि खूंटी ,पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, सिमडेगा ,लातेहर, गढ़वा पलामू ,जामताड़ा ,गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में 8 से 10 घंटे तक की लोडशेडिंग किया जा रहा है।
नए नियम के तहत बकाया रहने पर बिजली खरीद पर लगी है रोक
इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 2022 के तहत केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड जेबीवीएनएल को पीक आवर में अतिरिक्त बिजली खरीदने पर रोक लगा दी है। वहीं करेंट बिल के 205 करोड रुपये के बकाया होने के कारण डीवीसी को भी 10% बिजली कटौती का निर्देश दिया गया है। इधर इस बार जेवीवीएनएल को विभिन्न श्रोतों से 330 करोड़ रुपये का ही राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि जरूरत 400 करोड़ रुपए की है।
बिजली उपभोक्ता से समय पर बिजली बिल जमा करने का अनुरोध
झारखंड के ऊर्जा सचिव सह एमडी जेवीवीएनएल अविनाश कुमार का कहना है कि निगम के पास फिलहाल पैसे की कमी है। बिजली उपभोक्ता अपने बिजली बिल का समय पर भुगतान कर दें ताकि बिजली कंपनियों को समय पर भुगतान किया जा सके। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द भुगतान कर झारखंड में बिजली संकट की स्थिति को सामान्य किया जा सके। एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा प्लांट चालू होने का भी इंतजार है। तब बहुत हद तक बिजली की स्थिति सामान्य हो जाएगी।

