न्यूज़ डेस्क
क्या इस देश में वकाई में लूट चल रही है ? अगर कैग की रिपोर्ट के आधार पर ही पिछली सरकार चली गई थी तो मौजूदा समय में जो कैग की रिपोर्ट आई है उससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पिछली सरकार के दौरान कैग ने ही 2 जी घोटाला का पर्दाफास किया था। एक लाख 76 हजार करोड़ का घोटाला कैग ने बताया था और तब की मनमोहन सिंह सरकर विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। यह बात और है कि बाद में वही कैग ने अपनी गलती के लिए माफ़ी भी मांगी और फिर किसी भी घोटाले से इंकार भी किया लेकिन तब तक मनमोहन सिंह की सरकर बदनाम हो चुकी थी और सत्ता भी बदल गई थी।
लेकिन अभी इस सरकर के दौरान कैग की जो रिपोर्ट आई है वह काफी चूंकि रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सर्कार पर हमला भी किया ही और कहा है कि यह सरकार अब तक की सबसे भ्र्ष्ट सरकर है। मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के 75 वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। केजरीवल ने कहा कि कैबिनेट ने द्वारका एक्सप्रेस वे के लिए प्रति किलोमीटर का बजट 18.20 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया था। लेकिन इसके लिए प्रति किलोमीटर 251 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया।
बता दें कि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानि कैग ने 29.06 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे की लागत को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कैग ने भारतमाला प्रोजेक्ट के पहले चरण के कार्यान्वयन पर अपनी ऑडिट रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बोर्ड ने द्वारका एक्सप्रेसवे को प्रति किलोमीटर 250.77 करोड़ रुपये की सिविल लागत के साथ इसकी मंजूरी दी थी, जबकि संसद की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने प्रति किलोमीटर लागत 18.20 करोड़ रुपये के हिसाब से इसे बनाने की स्वीकृति दी थी। इसका मतलब यह है कि इस प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य तय राशि से 14 गुना ज्यादा कीमत की गई।
कैग की इस रिपोर्ट के बाद अन्य राजनीतिक पार्टियां भी अध्ययन कर रही है। अगर रिपोर्ट सच है तो मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को आगे बढ़ सकती है।

