विकास कुमार
तेलंगाना में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। तेलंगाना में बीआरएस,बीजेपी और कांग्रेस में मुख्य मुकाबला है। वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने सत्ता में बीआरएस की वापसी को लेकर भविष्यवाणी कर दी है। विधानसभा में चर्चा के दौरान केसीआर ने भरोसा जताया है कि बीआरएस तेलंगाना की सत्ता में वापस आएगी। केसीआर ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की है क्योंकि उनके शासन के दौरान राज्य को सबसे अधिक नुकसान हुआ था।
केसीआर ने कहा कि हमने खुद को सीधे तौर पर एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी घोषित कर दिया है।एआईएमआईएम और बीआरएस दोनों मित्रवत पार्टियां हैं, हम साथ रहेंगे और भविष्य में भी रहेंगे।हमें अच्छे परिणाम मिलेंगे जिससे तेलंगाना के लोगों या अल्पसंख्यकों गरीब लोगों को फायदा हो। मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि हम पिछले चुनाव की तुलना में शत-प्रतिशत सात से आठ सीटें अधिक जीतेंगे। इसमें किसी को संदेह करने की जरूरत नहीं है, शासक ईमानदार है तो भगवान और प्रकृति भी आशीर्वाद देंगे। बीआरएस शासन में पिछले 10 सालों के दौरान तेलंगाना अधिक जल विद्युत उत्पादन करने में सक्षम है।
वहीं केसीआर ने कांग्रेस और बीजेपी पर हमला बोला है। केसीआर ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अनगिनत वादे किए, लेकिन कर्नाटक सरकार अब कहती है कि कुछ चुनावी वादों को अमल नहीं किया जा सकता है। जिसके चलते प्रशासन एससी और एसटी फंड को डाइवर्ट करने के बारे में सोच रही है। केसीआर ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस के शासन के दौरान 30 हजार से 35 हजार झीलें गायब हो गईं। केसीआर ने बताया कि तेलंगाना 25 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
बीआरएस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में 88 सीटें जीतीं और कई अन्य विधायकों के सत्तारूढ़ दल में शामिल होने के बाद ये बढ़कर एक सौ एक हो गई। 2023 में भी केसीआर चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनके दावे में कितना दम है ये तो चुनावी नतीजे ही बताएंगे।

