क्या ताइवान पर हमले की तैयारी कर रहा है चीन ?

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न्यूज़ डेस्क 

रूस -यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के अंतिम परिणाम क्या होंगे यह तो किसी को पता नहीं है लेकिन आंकड़ा इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इस भीषण युद्ध में हजारों लोगों की जाने जा चुकी है। किस देश की कितनी सम्पत्तियाँ बर्बाद हुई है इसका भी अभी तक अंतिम लेखा जोखा सामने नहीं है लेकिन इतना तो तय है कि साल भर से ज्यादा समय से चल रहे इस युद्ध से दोनों देश तबाह हो गए हैं। इस युद्ध का असर दुनिय के अन्य देशो पर भी पड़े हैं। भारत भी इस युद्ध से प्रभावित होता रहा है।              
   लेकिन अब इसी बीच जो खबर आ रही है वह ज्यादा चौंकाने वाली है। जानकारी के मुताबिक़ चीन अब ताइवान पर हमला करने की तैयारी में जुटा है। ताइवान को वह अपना हिस्सा मानता है जबकि ताइवान एक स्वतंत्र देश के रूप में बना रहना चाहता है। उधर ताइवान के साथ अमेरिका खड़ा है और और अमेरिका बार -बार ताइवान को मदद भी।  लेकिन अभी हाल में जैसे ही अमेरिका ने  ताइवान के लिए सैन्य पैकेज का एलान किया तो बीजिंग भड़क उठा और उसने चेतावनी देते हुए इतिहास से सबक लेने को कहा था। वहीं, एक बार फिर ऐसा लग रहा है कि चीन ताइवान के खिलाफ हमला करने के लिए तैयार है। दरअसल, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की 96वीं वर्षगांठ पर चीन ने एक डॉक्यूमेंट्री ‘झू मेंग’ जारी की, जिसमें पीएलए के सैनिकों को शपथ लेते दिखाया गया है कि जरूरत पड़ने पर वो अपने प्राणों की बलि दे देंगे। यही नहीं यह भी दिखाया गया कि अगर ताइवान से युद्ध के हालात बने तो चीनी सेना किसी भी क्षण लड़ने के लिए तैयार है।                 
  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्यूमेंट्री ‘झू मेंग’ के आठ एपिसोड है, जिसका पहला हिस्सा हाल ही में दिखाया गया था। इसमें दिखाया गया था कि चीनी एयरफोर्स जरूरत पड़ने पर कहीं भी जबरदस्त तरीके से आक्रमण के लिए तैयार है। बता दें कि वैंग हाई स्क्वाड्रन में ली पेंग तैनात हैं और जे -20 फाइटर के पायलट हैं। यह पीएलए की ईस्टर्न थियेटर कमांड के दायरे में आती हैं। ईस्टर्न कमांड ताइवान के खिलाफ मुख्य फोर्स है। पेंग को कहते हुए सुना जाता है कि अगर वास्तविक लड़ाई में मैंने अपना सारा गोला-बारूद इस्तेमाल कर लिया होता, तो मेरा लड़ाकू विमान मेरी आखिरी मिसाइल होती।
                 पीएलए नौसेना के फ्रॉगमैन ज़ुओ फेंग का कहना है कि यदि युद्ध छिड़ गया और नौसैनिक बारूदी सुरंगों को साफ करना कठिन हुआ तो हम अपने जवानों के लिए एक सुरक्षित मार्ग देने के लिए अपने स्वयं के शरीर का उपयोग करेंगे।
                ताइवान को चीन अपना हिस्सा मानते हैं और इस बात पर बल देते हैं कि अगर ताइवान को वापस लेने के लिए बल प्रयोग की जरूरत होगी तो हिचकेंगे नहीं। चीन के ड्रोन और फाइटर जेट अक्सर ताइवान में दाखिल हो जाते हैं। पीएलए नेवी से जुड़े झू वेंग का कहना है कि अगर लड़ाई का आगाज हुआ और हालात बिगड़े तो हम लोग खुद अपनी मुख्य फोर्स के लिए रास्ता तैयार करेंगे। चीन ने इसी साल अप्रैल के महीने में जॉइंट सोर्ड सैन्य अभ्यास ताइवान के आसपास किया था।
                    गौरतलब है, चीन ने ताइवान को घेरने और डराने की कोशिश जारी रखी है। ताइवान मुद्दे पर अमेरिका से तनातनी के बीच चीन लगातार युद्धाभ्यास करने में जुटा है। हाल ही में चीन ने युद्ध अभ्यास के दौरान अप्रत्यक्ष तौर पर ताइवान को घेरने की कोशिश की थी। साथ ही हवाई क्षेत्र को भी बंद करने की कोशिश की थी। इससे पहले चीन ने बताया था कि गोला-बारूद ले जा रहे विमानों ने ताइवान के पास हमला करने का अभ्यास किया था। इस अभ्यास में उसका शेडोंग विमानवाहक पोत भी शामिल था। 

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