मणिपुर की ताजा हिंसा में 6 की हत्या, बीजेपी विधायक ने की सुरक्षाबलों पर एक्शन की मांग

0
166

बीरेंद्र कुमार झा

मणिपुर में हिंसा की आग बुझाने का नाम नहीं ले रही है। आंकड़े भले ही मरने वालों की संख्या 160 बताते हो, लेकिन लगातार हो रही हिंसा को देखें तो समझ में आता है कि इस उपद्रवों में मारे गए लोगों की गिनती ढंग से नहीं हो पाई है।शनिवार को भी कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई,जिसमें आई एएफ का एक जवान भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक देर रात तक कई इलाकों में गोलीबारी होती रही । क्वाता इलाके में मैतेई समुदाय के 3 लोगों को उनके घरों में ही मार दिया गया। हत्या के बाद हमलावरों ने शव को भी तहस-नहस कर दिया। इसके कुछ घंटों बाद चांदपुर जिले में कुकी समुदाय की दो लोगों की हत्या कर दी गई ।

मणिपुर 3 मई से ही हिंसा की चपेट में है और अब तक वहां 160 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। गुरुवार रात विष्णुपुर के आईआरएफ शस्त्रागार पर हुए हमले में 1 जवान घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। गौरतलब है कि विष्णुपुर में शस्त्रागार पर हमला करके भीड़ ने सैकड़ों राइफल और हजारों राउंड गोलियां छीन ली थी।दरअसल आईटीएलएफ ने 35 लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार कराने का ऐलान किया था। जब प्रशासन ने लोगों को उसका विरोध करने से रोका तो भीड़ ने आईआरएफ के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया हत्या लूट लिए।

सेना के जवान और स्थानीय पुलिस के बीच तालमेल का अभाव

मैतेई लोगों ने भी इस सामूहिक अंतिम संस्कार का विरोध किया था, इसके बाद हिंसा शुरू हो गई ।वहीं एक वीडियो और सामने आया था जिसमें मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स के सैनिक के बीच बस हो रही थी।पुलिसकर्मी का आरोप था कि सेना द्वारा नियंत्रित सैनिक उन्हें अपना कायम काम नहीं करने दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कंबाइंड हेड क्वार्टर द्वारा बफर जोन बनाने के लिए सड़क पर वाहन खड़े किए गए थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक केंद्रीय बल बफर जोन बनाकर समुदायों को लड़ने से रोकते हैं ताकि शांति बहाल की जा सके। एक दूसरे अधिकारी ने हिंसा की जानकारी देते हुए कहा कि पहला हमला तो वहीं हुआ था , जहां बफर जोन बनाया गया था। मरने वालों की पहचान युमनाम पिशाक मैतेई और उसके बेटे युमनाम प्रेम कुमार मैतेई के रूप में हुई इसके अलावा उनके पड़ोसी युमनाम जितेंद्र मैतेई की भी हत्या कर दी गई थी।

विलेज डिफेंस वॉलिंटियर को बनाया गया निशाना

प्रेम कुमार विलेज डिफेंस वालंटियर था। वहां के स्थानीय शख्स ने कहा कि जब लोगों ने गोली की आवाज सुनी तो वे भागे। एक महिला और पुलिस कमांडो को भी गोली लगी है। थोड़ी देर में सीनियर पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे।उसके बाद उपद्रवियों और सुरक्षा बलों में गोलीबारी शुरू हो गई ।वहीं चुराचंदपुर इलाके में जानी गाइए और जांगखोमांग हाओकिप की हत्या कर दी गई।दोनों ही एक गांव के डिफेंस वोलेंटीयर थे।

बीजेपी विधायक ने सुरक्षाबलों पर लगाया लापरवाही का आरोप

भारतीय सेना का दावा है कि मोंगचोम इलाके में उन्होंने कुकी इंडिपेंडेंट आर्मी के एक उग्रवादी को पकड़ लिया है ।उसके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। वहीं मणिपुर पुलिस कंट्रोल रूम का कहना है कि कई जगह पर घर जलाए जाने और झड़प की सूचना मिली है ।बीजेपी विधायक आरके इमो ने कहा है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को ज्ञापन भेजकर बताया है यहां फोर्स मौजूद होने के बावजूद हिंसा हुई यहां लापरवाही बरती गई इसलिए सुरक्षा बलों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए उनकी मौजूदगी में उपद्रवी गांव में घुस गए और 3 लोगों की हत्या कर दी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here