सहारा के निवेशकों पर बोले गृह मंत्री Amit shah- ‘केवल वास्तविक जमाकर्ताओं को नौ महीने के भीतर भुगतान किया जाएगा’

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विकास कुमार
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में बताया है कि ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ में 24 हजार 9 सौ 79 करोड़ रुपए पड़ा है। इसी फंड में से पांच हजार करोड़ रुपए सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को ट्रांसफर किया जाएगा और इसके बाद जमाकर्ता के उचित पहचान के बाद राशि को बैंक खातों में भेज दिया जाएगा।

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सहारा निवेशकों के भविष्य के बारे में सरकार से सवाल पूछा है। इस सवाल का जवाब केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिया। शाह ने बताया कि सहारा सहकारी समितियों के “वास्तविक” जमाकर्ताओं को नौ महीने के भीतर किया जाएगा। जमाकर्ताओं की राशि का भुगतान सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार के जरिए किया जाएगा। मोदी ने पूछा था कि सहारा समूह द्वारा संचालित चार सहकारी समितियों के निवेशकों को भुगतान करने के लिए कितनी राशि निकालने की अनुमति दी गई है। इस पर अमित शाह ने कहा कि सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार के समक्ष नवंबर, 2019 से दिसंबर, 2020 तक हुई सुनवाई के दौरान सहारा समूह की चार सहकारी समितियों- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड द्वारा डाटा प्रस्तुत किया गया है। इस डाटा के अनुसार एंबी वैली लिमिटेड में 62 हजार 6 सौ 43 करोड़ रुपए का निवेश किया गया था और सहारा क्रेडिट सहकारी सोसायटी लिमिटेड से 2 हजार 2 सौ 53 करोड़ रुपए निकाले गए हैं और सेबी के पास जमा कर दिया गया।

वहीं अमित शाह ने आगे बताया कि ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ में पड़ी कुल 24 हजार 9 सौ 79 करोड़ रुपये की राशि है। इस राशि में से 5 हजार करोड़ रुपए सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को हस्तांतरित किए जाएंगे जिसे जमाकर्ताओं की पहचान के बाद उन्हें ट्रांसफर किए जाएंगे। सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं के बैंक खातों की “सबसे पारदर्शी तरीके” से और “उचित पहचान” के बाद ही ट्रांसफर किए जाएंगे। शाह ने कहा कि राशि के वितरण की देखरेख और निगरानी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। इसके साथ ही एमिकस क्यूरी के तौर पर नियुक्त वकील गौरव अग्रवाल और सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार द्वारा की जाएगी। भुगतान करने के तौर-तरीकों पर सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को न्यायमूर्ति रेड्डी और अग्रवाल के परामर्श से काम करना होगा। शाह ने आगे कहा कि राशि का भुगतान “वास्तविक जमाकर्ताओं” को नौ महीने के भीतर किया जाएगा। शेष राशि को फिर से ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ में ट्रांसफर कर दिया जाए लेकिन सहारा समूह में दस करोड़ निवेशकों का पैसा फंसा है। क्या इन सभी लोगों के पैसे वापस कर दिए जाएंगे। सहारा में काम करने वाले 12 लाख स्टाफ का क्या होगा, ऐसे तमाम सवाल हैं जिसका जवाब आज भी जनता तलाश रही है।

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