न्यूज़ डेस्क
मणिपुर में आज भी हिंसा जारी है। बीती रात ही पुलिस और उग्रवादियों की झड़प में तीन लोगो की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। पिछले तीन दिनों से वहां हालत फिर से गंभीर हो गया है। लेकिन इसी बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। खबर के मुताबिक विष्णुपुर जिले में उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों से भारी संख्या में हथियार और गोला बारूद लूट लिए। उपद्रवियों और जवानों के बीच झड़प में कम से कम दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब यहां हथियार की लूट हुई हो। हिंसा की शुरुआत के बाद से ही उग्रवादी जवानों को निशाना बनाकर हथियार लूटते रहे हैं। बताया जा रहा है कि 500 की उग्रवादियों की भीड़ ने हमला करके करीब तीन सौ गन और 16 हजार कारतूस लूट ले गए। जवानों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। फिर भी उन्हें हथियार लूटने से नहीं रोक पाए।
उग्रवादियों का हौसला वहां कितना बढ़ा हुआ है इस बात का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि उनकी भीड़ ने वहीं हमला किया जहां इंडिया रिजर्व बटालियन का मुख्यालय था। आम तौर पर मुख्यालय में जवानों की अच्छी खासी तादाद होती है। लेकिन इन सब से बीच से उपद्रवियों की भीड़ ने 298 राइफल, एसएलआर , एलएमजी और मोर्टार, ग्रेनेड लूट लिए। इसके अलावा उन्होंने कम से कम 16 हजार राउंड कारतूस का भी सफाया कर दिया।
मोईरंग पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक यह अब तक की सबसे बड़ी हथियारों की लूट है। भीड़ ने नरानसीना स्थित द्वितीय इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के मुख्यालय पर हमला किया था। बताया जा रहा है कि कुकी संगठन हिंसा में मारे गए लोगों को चुराचांदपुर के हाओलाई खोपी में सामूहिक दफन करना चाहता था। हालांकि बहुसंख्यक समुदाय इसके विरोध में था। इस वजह से कई जिलों में हिंसा फैल गई।
बता दें कि, अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद पहली बार 3 मई को झड़पें हुई थीं। मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं।जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए करीब 35,000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद भी कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है, जिस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

