आखिर शांता कुमार ने क्यों कहा कि देश आंसू बहा रहा है और नेता वोट की रोटियां सेंक रहे है —

0
123


न्यूज़ डेस्क 


बीजेपी के दिग्गज नेता शांता कुमार ने मौजूदा राजनीति पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि देश के लोग आंसू बहा रहे हैं और नेता लोग वोट की रोटियां सेंक रहे हैं। उन्हें शर्म भी नहीं आती। मणिपुर की घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य तथा देश के अन्य हिस्सों में महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाओं को मृत्यदंड की सजा के जरिए रोका जाना चाहिए।   
          बीजेपी के दिग्गज नेता अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट में कहा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मणिपुर तथा अन्य राज्यों में घटित होने वाली इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा, “पिछले तीन वर्षों में देश में 13 लाख बालिकाएं और महिलाएं लापता हुई है, जो और अधिक शर्मनाक है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं पर विचार भी नहीं किया जाना सबसे अधिक शर्मनाक है। पूरा देश आंसू बहा रहा है, नेता लड़ रहे हैं। वोट की रोंटियां सेंक रहे हैं। प्रभु सबको सदबुद्धि दें। भारत का लोकतंत्र इतना गिर जाएगा, कभी सोचा न था। यह कैसा अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।”
           उन्होंने संसद के दोनों सदनों के सांसदों से आग्रह किया कि पार्टी लाइन से ऊपर उठे और इस मुद्दे पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा करें।उन्होंने हाल में मणिपुर में घटित हुईं घटनाओं को देश के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को कठोर सजा के जरिए रोका जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि इस तरह की घटनाओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने के सुनवाई में पूरी होनी चाहिए और देश में दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड का प्रावधान होना चाहिए।     

बता दें कि शांता कुमार की यह टिप्पणी तब सामने आई है जब देश के भीतर मणिपुर हिंसा से लेकर महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मुद्दों पर देश के भीतर बवाल मचा हुआ है। संसद से सड़क तक इसकी गूंज सुनाई पद रही है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है जबकि प्रधानमंत्री अभी तक चर्चा में भाग नहीं ले सके हैं। यह बात और है कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार चुनावी रेलों और सभाओं में लगातार हिंसा ले रहे हैं लेकिन संसद में नहीं जा रहे हैं। अभी तक पीएम मोदी ने मणिपुर की यात्रा तक नहीं की है।  

  उधर शांता कुमार का गुस्सा इसलिए भी है कि अभी संसद के जरिये ही इस बात का पता चला कि बीते तीन साल में देश की 13 लाख महिलाएं लापता है। इनमें सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां है। लेकिन अभी तक न महिलाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here