राजीव के हत्यारों की रिहाई पर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची,फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल

0
143

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड मामले में सभी छह दोषियों को रिहा करने के खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र ने दलील दी है कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को छोड़ने का आदेश उसे सुने बिना दिया गया है। शीर्ष अदालत ने पिछले शुक्रवार को रिहाई के आदेश दिये थे। तमिलनाडु की अलग अलग जेलों से शनिवार को सभी दोषियों को रिहा किया गया था।

टाडा कोर्ट ने 1998 में सुनाई थी 25 लोगों को फांसी की सजा

गौरतलब है कि टाडा कोर्ट ने 1998 में राजीव गांधी हत्याकांड में 25 लोगों को मौत की सजा सुनाई थी। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में आया तो जस्टिस केटी थॉमस की पीठ ने 19 लोगों को बरी कर दिया और चार की मौत की सजा पर मुहर लगायी। इनमें नलिनी,पेरारीवेलन,संथन और मुरुगन शामिल थे। तमिलनाडु सरकार ने साल 2000 में नलिनी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में पेरारीवेलन,मुरुगन और संथन की मौत की सजा माफ की

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में पेरारीवेलन,मुरुगन और संथन की मौत की सजा भी माफ कर उसे उम्रकैद में बदल दिया। 2018 में तमिलनाडु की एआईडीएमके सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर दोषियों को रिहा करने की सिफारिश की,लेकिन राज्यपाल ने ठुकरा दिया। मामला सु्प्रीम कोर्ट में आया और केंद्र ने कहा कि राज्य को दोषियों की सजा माफ करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने की थी। लेकिन संविधान पीठ ने केंद्र की दलील ठुकरा दी थी। मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। 2018 में शीर्ष अदालत में जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने अनुच्छेद 142 के तहत असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए पेरारीवेलन को रिहा किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here