बीरेंद्र कुमार झा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजहब के नाम पर वंदे मातरम गाने से इनकार करने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह देश संविधान से चलेगा। किसी मत और मजहब से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ईश्वर भक्त हूं लेकिन किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता।
यह देश संविधान से चलेगा,किसी मत या मजहब से नहीं
नई पॉडकास्ट पर एक साक्षात्कार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात तब कही जब उनसे वंदे मातरम को लेकर सवाल किया गया मुख्यमंत्री से पूछा गया कि एक नारा चल रहा है कि भारत में रहना है तो वंदेमातरम कहना होगा।इसपर एक विधायक ने कहा था कि उनके मजहब में इस बात की इजाजत नहीं है कि आप खुदा के अलावा किसी और के बारे में सिर झुकाएं।
इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश संविधान से चलेगा।किसी मत और मजहब से नहीं। देखिए मैं ईश्वर का भक्त हूं लेकिन मैं किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता हूं। आपका मत, आपका मजहब, अपने तरीके से अपने घर में होगा। अपने मस्जिद अपनी इबादतगाह में होगा। सड़क पर प्रदर्शन के लिए नहीं और इसको आप किसी भी अन्य तरीके से दूसरे पर थोप नहीं सकते हैं। नेशन फर्स्ट यदि देश में किसी को रहना है तो उसको राष्ट्र को सर्वोपरि मानना होगा, अपने मत और मजहब को नहीं।
ज्ञानवापी पर रखा पहली बार अपना विचार
इसी साक्षात्कार में मुख्यमंत्री योगी ने ज्ञानवापी विवाद पर भी पहली बार अपनी राय रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहना ही गलत है। जिसे भगवान ने दृष्टि दी है, वह देखें कि वहां ज्योतिर्लिंग हैं,देव प्रतिमाएं हैं। यदि ज्ञानवापी मस्जिद है तो वहां त्रिशूल क्या कर रहा है ?ज्ञानवापी की दीवारों पर उकेरी गई देवप्रतिमाएं इस बात की गवाही दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक गलती हुई है। हम इसका समाधान चाहते हैं।हम चाहते हैं कि इस मामले में प्रस्ताव मुस्लिम समाज की ओर से आना चाहिए।

