कर्नाटक कांग्रेस में सब ठीक ?आलाकमान ने नेताओं को बुलाया दिल्ली ,दो अलग अलग होगी बैठकें

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बीरेंद्र कुमार झा

कांग्रेस की कर्नाटक यूनिट में पिछले कुछ दिनों से असंतोष की खबरें सामने आ रही है। इसे देखते हुए पार्टी आलाकमान ने 2 अगस्त को नई दिल्ली में राज्य के पार्टी नेताओं की दो बैठकें बुलाई हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पहली बैठक पार्टी आलाकमान और कर्नाटक के शीर्ष पार्टी नेताओं के बीच होगी। कांग्रेस के पदाधिकारी ने बताया कि उस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री व पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार कानून व संसदीय कार्यमंत्री एसके पाटिल पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुछ पदाधिकारी शामिल होंगे।

पदाधिकारी ने बताया कि दूसरी बैठक कांग्रेस के मंत्रियों के साथ होगी, जिसमें पार्टी के कुछ सीनियर विधायक भी हिस्सा ले सकते हैं। पार्टी विधायकों की शिकायतों को दूर करने के लिए गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बेनतीजा रहने के मद्देनजर यह बैठक आहूत की गई है। कांग्रेस विधायक कहीं तौर पर इस बात से नाराज हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है।बैठक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री उन्हें समय नहीं दे रहे हैं, उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।

हस्ताक्षर अभियान से पार्टी आलाकमान नाराज

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कई विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था, जिससे पार्टी नेताओं ने सही नहीं माना था। यहां तक कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सीएलपी बैठक के दौरान उन्हें चेतावनी दी थी कि वे ऐसी रणनीति का सहारा ना लें क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होती है। राज्य के गृह मंत्री डॉ परमेश्वर ने इस बात से इनकार किया कि बैठक के दौरान कोई असहमति थी। परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें विधायक दल के सदस्यों की बैठक बुलानी चाहिए।इसका कारण यह था की पिछली सीएलपी की बैठक आधे समय में समाप्त हो गई थी, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंत्रियों और विधायकों से मिलना चाहते थे।

सिद्धारमैया बोले पत्र लिखना उचित नहीं

राज के गृह मंत्री परमेश्वर ने यह भी कहा कि सिद्धारमैया ने विधायकों से कहा कि पत्र लिखना उचित नहीं है। परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि अगर आपने मुझे मौखिक रूप से बताया होता तो मैं बैठक बुला लेता।उन्होंने उन से अनुरोध किया कि भविष्य में पत्र लिखने की परंपरा जारी नहीं रखी जानी चाहिए।दूसरी ओर बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कर्नाटक में निर्वाचन क्षेत्रों के विकास की खातिर विधायकों को देने के लिए धन नहीं देने के मामले पर निशाना साधा। कांग्रेस कर्नाटक को बर्बाद कर देगी।5 गारंटियों को लागू करने का कोई संकेत नहीं है और अब विकास के भी संकेत नहीं मिल रहे हैं।

 

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