विकास कुमार
बिहार के कटिहार जिले में बिजली व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी है। भारी बवाल के बाद हुई पुलिस फायरिंग में दो युवकों की मौत से इलाके में मातम पसर गया है। मृतकों की पहचान कचना ओपी निवासी खुर्शीद आलम और मौलानापुर निवासी सोनू कुमार के तौर पर की गई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। वहीं पोस्टमार्टम कराने पहुंचे मृतक सोनू के परिजनों ने पुलिस पर सवाल उठाया है। पीड़ित परिजनों ने कहा कि क्या सोनू आतंकवादी था या कोई क्रिमिनल था? आखिर क्यों पुलिस ने एनकाउंटर की तरह उसके सिर पर गोली चलाई।
वहीं इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की पुलिस ने कटिहार में आम लोगों की हत्या की है। वहीं एआईएमआईएम नेता अख्तरुल ईमान ने भी फायरिंग में मारे गए लोगों के लिए पचास लाख रुपए के मुआवजे की मांग की है।
वहीं जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने पुलिस के करतूत का बचाव किया है। झा ने भीड़ में असामाजिक तत्वों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने कमर के ऊपर लोगों को गोली मारी है,अगर पुलिस ने कमर के नीचे गोली मारी होती तो लोगों की जान बच सकती थी। इसलिए लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

