बीरेंद्र कुमार झा
लोकसभा में सोमवार को भी विपक्ष की ओर से कई मुद्दों पर भारी बहस हुई। इस बीच सरकार की ओर से कई आम विधायकों के प्रस्ताव रखे गए हैं और उनके बारे में जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परिचर्चा प्रसूति विद्या विधेयक 2023 लोकसभा में पेश किया है।।इस विधेयक में सरकार ने परिचार्य और प्रसूति विद्या पेशेवरों (nurding and midwifery)संबंधी शिक्षा एवं सेवा मानकों के विनियमन, संस्थाओं के मूल्यांकन तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रजिस्टर के रखरखाव का उपबंध किया है।
राष्ट्रीय परिचर्या और प्रसूति विद्या आयोग विधेयक 2023 पेश
लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडवीया ने राष्ट्रीय परिचर्या और प्रसूति विद्या आयोग विधेयक 2023 पेश किया। इस दौरान निचले सदन में विपक्षी दलों के सदस्य मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर शोर-शराबा कर रहे थे।मंडाविया ने निचले सदन में विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगी और शोर-शराबे के बीच ही विधेयक पेश करने की अनुमति प्रदान कर दी।
विधायक में इन चीजों का रखा गया है ध्यान
विधेयक में परिचर्या और प्रसूति विद्या पेशेवरों (nursing and midwifery,) संबंधित शिक्षा एवं सेवा मानकों के विनियमन ,संस्थाओं के मूल्यांकन तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रजिस्टर के रखरखाव करने तथा पहुंच एवम अनुसंधान तथा विकास को बेहतर बनाने के लिए प्रणाली तैयार करने का उपबांध किया गया है। इसमें अद्यतन वैज्ञानिक प्रगति एवं विकास को अपनाने का प्रस्ताव किया गया है।
लोकसभा में राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक देश
सोमवार को हंगामे के बीच लोकसभा में राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक 2023 भी पेश किया गया ।इसमें दंत चिकित्सा व्यवसाय को विनियमित करने तथा गुणवत्तापूर्ण एवं वहननीय चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने का उपबंध किया गया है।लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडवीया ने ही राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग विधेयक 2023 पेश किया। गौरतलब है कि इस समय भी लोकसभा में मणिपुर हिंसा के मामले पर विपक्ष का हंगामा जारी था।
संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक पेश
सरकार ने लोकसभा में संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक 2023 भी पेश किया। इसमें छत्तीसगढ़ के महरा तथा महारा समुदायों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।लोकसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक 2023 पेश किया ।iइस दौरान भी विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे।
विधेयक के उद्देश्य और कारण
विधायक के उद्देश्यों एवम कारणों में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के खंड 1 के उपबंधों के अनुसार विभिन्न राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में अनुसूचित जातियों से संबंधित 6 आदेश जारी किए गए थे। संविधान के अनुच्छेद 341 के खंड 2 के अधीन संसद के अधिनियम द्वारा समय-समय पर आदेशों को संशोधित किया गया है।
अनुसूचित जातियों की सूची में महारा और महारा समुदायों को सम्मिलित करने का प्रस्ताव
इस विधेयक में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने अनुसूचित जातियों की सूची में महरा और महारा समुदाय को सम्मिलित करने का प्रस्ताव किया है।भारत के महापंजीयक तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसमें कहा गया है कि उपरोक्त परिवर्तन को प्रभावी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के संबंध में संविधान अनुसूचित जातियां आदेश में संशोधन करना आवश्यक है।विधेयक के विज्ञापन में कहा गया है कि विधेयक छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जातियों की सूची में महरा और महारा समुदाय को सम्मिलित करने के लिए है।

