न्यूज़ डेस्क
बगलोर हवाई पट्टी पर एक के बाद एक विमान उतर रहे हैं और विपक्षी नेता का जोरदार स्वागत कांग्रेस की कर्नाटक इकाई कर रही है। आज विपक्षी एकता की पहली बैठक जो है। खबर के मुताबिक कोई 26 पार्टियों के लोग दल -बल के साथ इस बैठक में पहुंच रहे हैं। लक्ष्य एक ही है कि कैसे आगामी चुनाव में बीजेपी सरकार से देश को निजात दिलाई जाए। हालांकि यह कोई मामूली काम नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं। अभी तक बीजेपी को पिछले दो चुनाव में करीब 38 फीसदी वोट मिलते रहे हैं जबकि बाकी वोट विपक्षी पार्टियों में बंटते रहे हैं।
विपक्ष दलों की मान्यता है कि अगर हम सब एक हो जाए और बीजेपी के लिए खिलाफ विपक्ष का साझा उम्मीदवार उतारा जाए तो वोट का बंटवारा नहीं होगा और बीजेपी को परास्त किया जा सकता है। ऐसा हो सकता है। लेकिन सवाल है कि कई राज्यों में कई विपक्षी दल आपस में लड़ते भी रहे हैं। कई राज्यों में कई विपक्षी दल मजबूत भी हैं और सरकार भी चला रहे हैं। ऐसे में सीटों का बंटवारा कैसे होगा यह बड़ा सवाल है। अगर आज और कल की बैठक में कोई सूत्र निकल गया तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है।
उधर आज बेंगलुरु में होने वाली विपक्ष की बैठक पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “हमारा संदेश स्पष्ट है। हमारा संदेश देश की जनता को है कि आप चिंतित न हो, आपके मुद्दे उठाने के लिए हम एकत्रित हो रहे हैं। सभी लोग अपने-अपने स्वार्थ को अलग कर आ रहे हैं ताकि लोगों की समस्याओं का निदान हो सके. 9 साल में लोग त्रस्त हो गए हैं। मुझे लगता है कि अब सवाल बदलना चाहिए क्योंकि पिछले 9 साल में देश चेहरे का शिकार हुआ है। अब सवाल होना चाहिए कि मुद्दे क्या होंगे?… मैं दावे के साथ ये कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी कल्ट पॉलिटिक्स के आखिरी उदाहरण होंगे क्योंकि उन्होंने लोगों को परेशान कर दिया है। “
बेंगलुरु में संयुक्त विपक्ष की बैठक पर शिवसेना-उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘मैं उद्धव ठाकरे के साथ बेंगलुरु जाने वाला हूं जो पार्टी देश हित, जनतंत्र और लोकतंत्र के लिए काम करना चाहती है वो सारी पार्टियां वहां बैठक में शामिल होने के लिए आ रही है। ‘तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन और पार्टी सांसद टीआर बालू विपक्ष की बैठक के लिए बेंगलुरु पहुंच गए हैं।
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी मीटिंग पर कहा, “कांग्रेस ने मोदी सरकार के ‘काले अध्यादेश’ के खिलाफ जाने का फैसला लिया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है।बीजेपी ने कल यूपी में एक पार्टी के साथ गठबंधन किया है तो मोदी जी अकेले कहां हैं? वो भी गठबंधन कर रहे हैं. देश की जनता को देखना है कि उसे कौन सा गठबंधन नौकरियां दे सकता है, महंगाई से राहत दे सकता है। मोदी जी ने जिन नेताओं पर 70,000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था, उन्हें ‘मोदी वाशिंग पाउडर में धोकर अपनी सरकार में शामिल कर लिया। कल दाऊद इब्राहिम भी मोदी वॉशिंग पाउडर में धुलकर बीजेपी में शामिल हो जाएगा। ”
इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विपक्ष की बैठक पर कहा, “वे इसे महागठबंधन बोल रहे हैं लेकिन इस महागठबंधन न कोई बंधन है न ही महा है। वे मोदी को नीचा दिखाना चाहते हैं लेकिन ये असंभव है क्योंकि आम जनता, गरीब लोग, किसान, महिलाओं को योजनाएं याद हैं जो उन तक पहुंच रहे हैं जिसका लाभ उन्हें हर महीने मिल रहा है।”
उधर ,एनडीए के गठबंधन पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘मुझे ताज्जुब है कि मोदी जी ने राज्यसभा में कहा था कि मैं सभी विपक्षियों पर अकेला भारी हूं। अगर वो सभी विपक्षियों पर अकेले भारी हैं तो वो 30 पार्टियों को क्यों एकत्रित कर रहे हैं। इसके साथ वो लोग उन 30 पार्टियों का नाम तो बताएं. हमारे साथ जो लोग हैं, वो हमेशा हमारे साथ रहे हैं। हमने संसद और संसद के बाहर भी मिलकर काम किया है। हम जो कर रहे हैं, उसे देखकर वो घबरा गए हैं। ‘

