बीरेंद्र कुमार झा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में शामिल होने के लिए गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर हवाई अड्डा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे गीता प्रेस के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए गीता प्रेस भवन पहुंचे और गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो पुस्तकों का विमोचन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर लखनऊ वाया अयोध्या वंदे भारत एक्सप्रेस एवं जोधपुर अहमदाबाद साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस सहित दो बंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।फिर वे गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन
गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की गीता प्रेस का 100 सालों का योगदान शानदार रहा है उन्होंने कहा कि गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार भी मिला है यह संस्था नहीं बल्कि जीवन आस्था है।
जहां गीता है वहां साक्षात कृष्ण भी है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की गीता प्रेस विश्व का ऐसा एकलौता प्रिंटिंग प्रेस है जो सिर्फ संस्थान नहीं बल्कि जीवन आस्था है।गीता प्रेस का कार्यालय करोड़ों करोड़ लोगों के लिए किसी मंदिर से कम नहीं है इसके नाम और काम में भी गीता है। जहां गीता है,वहां साक्षात कृष्ण भी है। जहां कृष्ण है,वहां करुणा भी है ,कर्म भी है और विज्ञान का बोध भी है,क्योंकि गीता का वाक्य है वासुदेव: सर्वम।सब कुछ वासुदेव में है। सब कुछ वासुदेव से ही है। सब कुछ बासुदेव में ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1923 ईसवी में गीता प्रेस के रूप में एक आध्यात्मिक ज्योति प्रचलित हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर हमारी सरकार ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार भी दिया है। गांधी जी का गीता प्रेस से भावनात्मक जुड़ाव था। एक समय में कल्याण पत्रिका के माध्यम से गीता प्रेस के लिए लिखा करते थे। मुझे बताया गया कि गांधी जी ने सुझाव दिया था कल्याण पत्रिका में विज्ञापन न छापे जाएं।

