बीरेंद्र कुमार झा
बिहार में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और अधिक से अधिक सहभागिता को लेकर निर्वाचन विभाग शनिवार से बेसलाइन सर्वे कराने जा रहा है।राज्य के 243 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे का काम 25 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। बेसलाइन सर्वे में हर विधानसभा क्षेत्र के 20 बूथों का चयन किया गया है। हर विधानसभा के 10 वैसे बूथों के मतदाताओं से फीडबैक लिया जाएगा, जहां पर सर्वाधिक मतदान हुआ है।वैसे 10 बूथों के मतदाताओं से भी बात की जाएगी जहां कम मतदान हुआ हैऔर उनसे यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि वहां कम मतदान होने की वजह क्या रही? इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारीयों को प्राप्त हो चुका है। सर्वे में पूछे गए सभी प्रकार के जवाब को बेस लाइन सर्वे पर अपलोड किया जाएगा।
चुनाव आयोग करा रहा बेसलाइन सर्वे
बिहार में लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की कम भागीदारी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा फीडबैक लेने के लिए बेसलाइन सर्वे कराया जा रहा है l।इसमें हर बूथ के मतदाताओं से यह समझने की कोशिश होगी कि लोग यहां मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के प्रति उदासीन क्यों रहते हैं ?आखिर लोकसभा या विधानसभा चुनाव में मतदान कम क्यों होता है ?इसको लेकर क्या-क्या बाधाएं हैं, जिसके कारण मतदान कम होता है।
मतदान में भागीदारी को लेकर किया जाएगा प्रेरित
सर्वे के दौरान वैसे समूह के मतदाताओं का पहचान किया जाना है जहां मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और मतदान करने वाले लोग कम हैं।ऐसे समूहों के बीच संवाद कर सभी प्रकार के अभियान को कैसे चलाया जाए, जिससे मतदान बड़े इसपर विचार किया जायेगा। सर्वे के दौरान मतदाता सहभागिता बढ़ाने को लेकर काम करने वाले समूहों की भूमिका की पहचान की जाएगी। अखबारों के माध्यम से होने वाले प्रचार-प्रसार का मूल्यांकन किया जाएगा।मतदान को लेकर सामान्य मतदाताओं और खासकर युवा महिला मतदाताओं के मतदान में भागीदारी को लेकर कैसे प्रेरित किया जाए, इस पर जोर दिया जाएगा। सर्वे के दौरान प्राप्त सभी सूचनाओं का एनालिसिस कर आगे की योजना तैयार की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग मतदाता सूची में नाम शामिल कराएं और सर्वाधिक मतदान करें।

