चाचा पर भतीजा भारी ,अजित पवार के साथ खड़े हुए 32 विधायक ,शरद पवार को झटका !

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न्यूज़ डेस्क 

आखिर वही हुआ जिसकी सम्भावना जताई जा रही थी। मुंबई में आज दो अलग -अलग जगहों पर एनसीपी दोनों गुटों की बैठके हुई। यह एक तरह से शक्ति प्रदर्शन ही था। अजित पवार खेमे के साथ 32 विधायक खड़े हुए और उन्होंने लिखित रूप से अजित पवार में अपनी आस्था जताई है। इस खेल के बाद कहा जा रहा है कि एनसीपी में तख्तापलट का खेल कामयाब हो चूका है। एनसीपी के पास अभी 53 विधायक हैं जिनमे से 32 विधायक अजित पवार के साथ चले गए हैं। आगे और कुछ क्या हो सकता है इस पवार देश की निगाह लगी हुई  है। कहा जा रहा है कि कुछ और विधायक भी अजित पवार के साथ जा सकते हैं। याद रहे पार्टी तोड़ने के लिए अजित पवार को 36 विधायकों की जरूरत है।       
        एनसीपी का शरद पवार धड़ा दक्षिण मुंबई के वाईबी चव्हाण सेंटर में और पार्टी का ही अजित पवार धड़ा उपनगरीय बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी में एमईटी कॉलेज परिसर में अलग-अलग बैठक कर रहा है। दोनों गुटों ने दावा किया था कि उन्हें ज्यादातर विधायकों का समर्थन हासिल है। लेकिन असल में अजित पवार के साथ पार्टी के अधिकतर विधायक खड़े दिख रहे है।
                एमईटी बांद्रा में अजित पवार गुट की एनसीपी उनकी ओर प्रति अपना समर्थन पाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से शपथ पत्र भरवा रही है। अजित पवार की बैठक में बड़ी संख्या में एनसीपी विधायक और पदाधिकारी पहुंचे है। एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता छगन भुजबल ने दावा किया कि 40 से अधिक विधायक और एमएलसी हमारे साथ हैं।           
   उन्होंने मंच से कहा, हमने शपथ लेने से पहले पूरी मेहनत की है, सारी तैयारी की गई है। हमने शपथ ऐसे ही नहीं ली।” एनसीपी नेता ने आगे कहा, “हम पर कानूनी मामलों के डर से यहां (अजित पवार के साथ) आने का आरोप लगाया जा रहा है। यह सही नहीं है। धनंजय मुंडे, दिलीप वाल्से पाटिल और रामराजे निंबालकर के खिलाफ कोई मामला नहीं है। हम यहां केवल इसलिए हैं क्योंकि आपके (शरद पवार) साहब के आसपास कुछ करीबी सहयोगी हैं, वे पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। एक बार जब आप उन्हें किनारे कर देंगे तो हम आपके पास वापस आने के लिए तैयार हैं।“
           फ़िलहाल यह साफ़ नहीं हो पाया है कि शरद पवार के साथ कुल कितने विधायक हैं। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में एनसीपी के 53 विधायक हैं। दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों को लागू करने से रोकने के लिए अजित पवार गुट को कम से कम 36 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

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