पटना की सड़कों पर मचा है बवाल, जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं शिक्षक अभ्यर्थी

0
142

बीरेंद्र कुमार झा

बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर से रनक्षेत्र में बदल गई है। बड़ी संख्या में अलग-अलग जिलों से पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थियों के द्वारा सड़क पर जमकर प्रदर्शन किया गया है।उन्हें रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा,जिसमें कई अभ्यर्थी बुरी तरह घायल भी हो गए हैं।छात्र नई शिक्षक नियमावली के तहत भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति हटाने की मांग कर रहे हैं।गौरतलब है कि बिहार में सरकारी विद्यालय में .7 लाख पदों पर नियुक्ति की घोषणा की गई है ।सरकार द्वारा पिछली कैबिनेट की मीटिंग में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में बैठने का मौका देने की घोषणा की गई। इसके लिए डोमिसाइल नीति में बदलाव किया गया।छात्रों द्वारा सरकार के इसी निर्णय का विरोध किया जा रहा है।

बड़ी संख्या में जमा हुए सीटेट, बीटेट और एसटेट पास अभ्यर्थी

बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के आह्वान पर हो रहे आंदोलन में पूरे बिहार के हजारों सीटेट, बीटेट और एसटेट पास शिक्षक अभ्यर्थी शनिवार को पटना में जुटे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव और मिकु पाल ने बताया कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थी डोमिसाइल नीति हटाने से आक्रोशित हैं। सरकार उनका रोजगार छीन कर दूसरे प्रदेश के लोगों को रोजगार का अवसर दे रही है,जो कहीं से भी उचित नहीं है।

राजभवन का घेराव करने जा रहे थे अभ्यर्थी

बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नितेश पांडे तथा अनिल सिंह ने बताया की शिक्षा मंत्री का बयान बिहारी युवाओं की मेधा पर सवाल खड़ा करता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गणित,विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक बिहार में नहीं मिलते हैं, जबकि 4 वर्षों में तमाम जरूरी योग्यता के बावजूद सरकार शिक्षकों की बहाली नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की दमनकारी नीति के विरुद्ध पूरे बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर महा करेंगे।तथा राजभवन मार्च करेंगे। शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति हटाने के विरुद्ध बिहार के सभी जिलों में शिक्षक अभ्यर्थियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। पटना विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री विक्की राय ने भी डोमिसाइल नीति हटाने का विरोध किया है।

11 जुलाई को विधानसभा का घेराव करेंगे शिक्षक

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 10 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। इसे देखते हुए बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा 11 जुलाई को विधानसभा घेराव का आयोजन किया गया है। मोर्चा के संरक्षक संदीप ने बताया कि मोर्चा के द्वारा मानसून सत्र के दौरान बिहार के लाखों शिक्षक 11 जुलाई को बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे ।12 जुलाई को पटना में बिहार के तमाम विधायकों के आवास का घेराव करते हुए उन्हें मांग पत्र सौंपेंगे ताकि उनके क्षेत्र के विधायक उनकी मांगों को विधानसभा में उठा सकें। 9 जुलाई को पटना में मोर्चे की एक बैठक होगी।

नियोजित शिक्षक भी कर रहे विरोध

नई शिक्षक भर्ती नीति के तहत नियोजित शिक्षकों को भी राज्य कर्मी बनने का मौका दिया जा रहा है ,लेकिन इसके लिए उन्हें परीक्षा पास करना होगा। नियोजित शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संरक्षक और पालीगंज से सीपीआई माले के विधायक संदीप सौरभ ने बताया कि बीपीएससी से शिक्षकों की बहाली को लेकर दिन-प्रतिदिन गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वर्षों से विद्यालयों में अपनी सेवा दे रहे शिक्षकों के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश दिए बिना उन्हें फ्रेशर के साथ धकेल देना कहीं से से उचित नहीं है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here