बीरेंद्र कुमार झा
यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने की तैयारी में जुटी केंद्र की बीजेपी सरकार को अब एक और पार्टी का समर्थन मिल गया है शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुटने भी समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को सैद्धांतिक समर्थन देने की बात कही थी।आप नेता संदीप पाठक ने कहा था कि हम सैद्धांतिक तौर पर समर्थन में हैं, लेकिन इस मसले पर सभी दलों से बातचीत के बाद ही फैसला लिया जाना चाहिए।
एनसीपी की न हां न ना
सूत्रों का कहना है कि उद्धव ठाकरे गुटने यूसीसी के समर्थन का फैसला लिया है।यदि मानसून सत्र में इसे लेकर विधेयक आता है तो फिर उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी।दरसल समान नागरिक संहिता के मसले पर भले ही तमाम पार्टियां बीजेपी की मंशा पर सवाल उठा रही है, लेकिन ज्यादातर दल इस मामले में संभल संभल कर बात कर रहे हैं।एनसीपी नेता शरद पवार ने तो अपनी पार्टी के नेताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे यूसीसी के मामले में कोई टिप्पणी ना करें। लगता है कि वह इस मामले में बीजेपी सरकार के साथ नहीं जा सकते और यदि खिलाफ गए तो उससे ध्रुवीकरण हो सकता है।
उद्धव गुट के लिए यह मामला वैचारिक
उद्धव गुट के लिए यह मसला वैचारिक है। वह हमेशा से समान नागरिक संहिता का समर्थन करती रही है। इन दिनों भले ही वह एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन में है, लेकिन यदि वह यूसीसी के खिलाफ जाती है तो फिर बीजेपी उस पर हिंदुत्व से समझौता का आरोप लगा सकती है ।ऐसी स्थिति में वह किसी भी तरह से अपने खिलाफ परसेप्शन नहीं बनने देना चाहती है।यह वजह है कि उसने समान नागरिक संहिता के समर्थन का ही फैसला लिया है। माना जा रहा है कि वाईएसआर कांग्रेस,और बीजेडी जैसे कुछ दल हैं जो बीजेपी सरकार का साथ दे सकते हैं।

