बीएयू ऑडिटोरियम निर्माण को लेकर झारखंड के राज्यपाल और कृषि मंत्री का नजरिया अलग

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बीरेंद्र कुमार झा

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के 43 में स्थापना दिवस समारोह में संस्थान में प्रस्तावितनिर्माण बड़े ऑडिटोरियम  को लेकर मुख्य अतिथि राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन और विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अलग-अलग प्राथमिकताएं बताई।सोमवार को संस्थान परिषद में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ ओमकार नाथ सिंह ने कृषि मंत्री बादल पत्रलेख को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि संस्थान में एक बड़े ऑडिटोरियम के निर्माण की सहमति मिल गई है और इसका निर्माण अब जल्द ही हो जाएगा।

कृषि मंत्री बादल ने बताई प्राथमिकता

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का कहना था कि ऑडिटोरियम के नहीं होने से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में कोई बड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाता था। अपने भाषण के दौरान कृषि मंत्री बादल ने कहा कि उन्होंने अब यहां बड़े ऑडिटोरियम के निर्माण पर अपनी सहमति दे दी है। यह संस्थान की बड़ी पुरानी मांग थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया है।

मैं मंत्री रहता, तो नहीं देता ऑडिटोरियम निर्माण की अनुमति

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन का जब बोलने का मौका आया तो उन्होंने कहा कि अगर मैं इस राज्य का कृषि मंत्री होता,तो विश्वविद्यालय को ऑडिटोरियम निर्माण की अनुमति नहीं देता।इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि राजधानी में कई बड़े-बड़े हॉल हैं, जहां इस तरह के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है ।विश्वविद्यालय को विद्यार्थी कल्याण अनुसंधान और पढ़ाई के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। पैसे इस क्षेत्र में दिए जाने चाहिए थे।

पैसे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचे प्राथमिकता यह होनी चाहिए। संस्थान की प्राथमिकता अलग है। मैं विकास विरोधी नहीं हूं,पर सबकी अलग-अलग प्राथमिकता होती है ।राज्य में कृषि से संबंधित कई संस्थान हैं,इन को आपस में मिलकर काम करने की जरूरत है। बीएयू ने हाल के दिनों में अच्छे काम किए हैं। कई वैराइटीज रिलीज हुई है। इसको किसानों तक पहुंचाएं।इस संस्थान को सेंटर फॉर ग्लोरी बनाएं।

गौरतलब है कि झारखंड में सरकार के द्वारा बिल्डिंग बनाने को ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। जिस उद्देश्य बिल्डिंग बने उसके लिए जरूरी अन्य संसाधन यथा मानव संसाधन और उपकरण आदि की व्यवस्था कैसे हो और इसका लाभ जल्दी से जल्दी लोगों को कैसे मिले इसकी तरफ अक्सर कम ही ध्यान दिया जाता है।लिहाजा राज्य में कई बड़े-बड़े बिल्डिंग लंबे समय तक बेकार पड़े देखे जा सकते हैं।कई लोगों का मानना है कि दरअसल ऐसे भवन निर्माण से कमीशन ज्यादा मिलने की संभावना रहती है, जिस कारण प्राथमिकता में यह सबसे ऊपर होता है।

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