- बीरेंद्र कुमार झा
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की है। राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। राजस्थान में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही बीजेपी वसुंधरा राजे के कद और राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी भूमिका दे सकती हैं।
राष्ट्रीय महासचिव ‘ संगठन ‘ से मुलाकात से मिल रहा महत्वपूर्ण जिमनेवारी मिलने के संकेत
वसुंधरा राजे की यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि इस समय बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चुनावी राज्यों समेत समूचे संगठन की समीक्षा कर रहा है। इसके अलावा हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर रैली में वसुंधरा राजे को खासा महत्व भी दिया गया था।सूत्रों के अनुसार वसुंधरा राजे को विधानसभा चुनाव के लिए बनने वाली चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपने सहित कई अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
वसुंधरा राजे सिंधिया वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन वह राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी छोडने को तैयार नहीं है। वसुंधरा खेमे की तरफ से लगातार आलाकमान से यह मांग की जा रही है कि पार्टी उन्हें अपना चेहरा घोषित कर चुनाव में उतारे, जबकि उनके विरोधी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं।
गजेंद्र सिंह शेखावत सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की कर रहे वकालत
इस बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की वकालत करते हुए यह कहा है कि जिस पार्टी के पास दुनिया का सबसे लोकप्रिय चेहरा और सबसे सक्षम नेतृत्व हो उस पार्टी को चेहरा के होने या ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। बीजेपी के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इतना सशक्त चेहरा है जिसके लिए देश की जनता में आज भी जबरदस्त क्रेज है। राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे और आगे की प्रक्रिया तय करना पार्टी के संसदीय बोर्ड का काम है।

