बीरेंद्र कुमार झा
बीजेपी के खिलाफ देशभर में विपक्षी एकता को मजबूत करने की मुहिम के बीच महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर महाविकास आघाडी में अभी से ही मंथन शुरू हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव को लेकर महा विकास आघाडी गठबंधन में बैठकों और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खासकर सीटों के बंटवारे को लेकर महा विकास आघाडी के घटक दलों में अभी से ही रस्साकशी शुरू हो गई है ।
महाविकास आघाडी के घटक दलों को 7 सीट ही देना चाहती है कांग्रेस
माना जा रहा है कि कांग्रेस ने अभी हाल ही के दिनों में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 41 सीटों की समीक्षा की है पार्टी सूत्रों की ओर से कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र कांग्रेस 41 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि 7 सीट वह महा विकास आघाडी के घटक दलों के साथ साझा करना चाहती है। हालांकि कांग्रेस से पहले शिवसेना ने भी इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह उन सभी 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जिसपर उसने 2019 के आम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे।
महाविकास अघाड़ी पहले सीट बंटवारे पर पहल तो करे
शनिवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने संकेत देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि हमारे संगठन के कार्यकर्ता मजबूती के साथ काम कर रहे हैं, इसलिए कांग्रेस पर लोगों का भरोसा पहले की अपेक्षा अधिक बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सीट बंटवारे को लेकर घटक दलों से चर्चा तभी की जा सकती है,जबकि महाविकास आघाडी की ओर से इसकी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि सब का एकमात्र बीजेपी लक्ष्य बीजेपी को किसी भी स्थिति में हराना है।
2019 में एक ही सीट जीत चुकी थी कांग्रेस
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इसमें कांग्रेस ने 25 और एनसीपी ने 23 सीटों पर अपने – अपने प्रत्याशी उतारे थे। इस चुनाव में कांग्रेस केवल एक चंद्रपुर सीट पर ही जीत हासिल कर सकी थी,जबकि एनसीपी ने मोदी लहर के बावजूद 4 सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाबी हासिल की थी।
बीजेपी संग चुनाव लड़कर शिवसेना ने जीती थी 19 सीट
2019 के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा था।इन दोनों के बीच क्रमशः 25 और 23 सीटों का बंटवारा हुआ था।बीजेपी 25 सीट पर चुनाव लड़ी थी और सभी सीटों पर जीती थी,जबकि शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी।जून 2022 में शिवसेना का विभाजन हो गया।इसके बाद उद्घव ठाकरे के खाते में केवल 6 सांसद बचे हैं।इसमें से पांच सांसद में और एक एक दमन दीव से है।वहीं एकनाथ शिंदे के पास 13 सांसद हैं। महाराष्ट्र विकास आघाडी की बात की जाए तो इस समय इसके पास11सांसद ही हैं।

