Artificial Intelligence: बड़े पैमाने पर लोगों को बना रहा है बेरोजगार, IMF की चेतावनी- ‘नौकरियों में आएगी परेशानी, नियम बनाने की जरूरत’

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  • Artificial Intelligence: बड़े पैमाने पर लोगों को बना रहा है बेरोजगार

  • IMF की चेतावनी- ‘नौकरियों में आएगी परेशानी, नियम बनाने की जरूरत’

  • AI की वजह से अमेरिका में एक महीने में गई 4000 लोगों की जॉब

  • जानिए आपके रोजगार पर मंडरा रहा है कितना बड़ा खतरा

  • आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से जॉब मार्केट पर दिखने लगा है असर

विकास कुमार
दुनिया भर में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से बेरोजगारी के दर में इजाफा हो रहा है। सिर्फ अमेरिका में मई महीने में चार हजार लोगों की जॉब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की वजह से छीन गई है। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बढ़ने लगा है। इसकी वजह से बड़े पैमाने पर लोगों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा है। चैलेंज ग्रे एंड क्रिसमस नाम की अमेरिका की एक कंपनी की रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है।

साल 2022 के मई महीने की तुलना में साल 2023 के मई महीने में जॉब कट के आंकड़े अस्सी हजार को पार कर गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में मई महीने में लगभग चार हजार लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से अपनी नौकरी गंवाई है। इस तरह का मामला पहली बार दर्ज किया गया है। साइंटिस्ट और टेक इंडस्ट्री के लीडर ने चेतावनी दी थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से इंसानी जॉब पर खतरे बढ़ रहे हैं। और आने वाले समय में ज्यादा संख्या में लोगों की छंटनी हो सकती है।


वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर आईएमएफ ने भी चेतावनी जारी की है। आईएमएफ की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गोपीनाथ ने इस नई तकनीक से सावधान रहने की जरूरत है। गोपीनाथ ने कहा नियम बनाने की जरूरत है।गोपीनाथ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों में कमी आने की चेतावनी दी है। गोपीनाथ ने कहा कि हमें सरकारों की जरूरत है, हमें संस्थानों की जरूरत है और हमें नियमन के संदर्भ में। बल्कि श्रम बाजारों में संभवत। पर्याप्त व्यवधानों की तैयारी के मामले में भी सभी मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए नीति निर्माताओं की जरूरत है। नई तकनीक में कुछ निगमों के उभरने की स्थिति में सावधान रहने की जरूरत है। आप बड़ी मात्रा में डेटा और कंप्यूटिंग शक्ति वाली कंपनियों को सुपरसाइड नहीं करना चाहते हैं, जिनके पास अनुचित लाभ है।

वाकई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बड़े पैमाने पर लोगों का रोजगार छीन सकता है। इसलिए इस तकनीक का इस्तेमाल भारत में भी सावधानी से करनी चाहिए।

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