मणिपुर में शांति कहाँ है ? गृहमंत्री शाह के लौटते ही कुकी उग्रवादियों के हमले में 15 लोग घायल 

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अखिलेश अखिल 

मणिपुर में शांति नहीं है। वह तो और भी अशांत हो चला है। चार दिनों की यात्रा पर गए गृह मंत्री अमित शाह जब तक वहां रहे सेना के दवाब में सब कुछ दबा रहा लेकिन जैसे ही शाह दिल्ली लौटे मणिपुर में गुलिया चलने लगी। पिछले 24 घंटे के भीतर मणिपुर में कई जगह भारी गोलीबारी हुई है। कई हमले हुए हैं। कई लोगों को घायल किया गया है। खासकर इंफाल के दो गावों में कुकी उग्रवादियों ने आधुनिक हथियार और बम से लैश होकर जो हमला किया है उसमे करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
खबर के मुताबिक बड़ी संख्या में सेना की तैनाती की गई है। गांव -गांव में सेना बैठ गई है और हर लोगों पर निगाह रख रही है। लेकिन मणिपुर में शांति नहीं। पूरा मणिपुर भीतर ही भीतर सुलग रहा है।            
   जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक इम्फाल के दो गांव फयेंग और कांगचुप चिंगखोंग  में कुकी उग्रवादियों में बड़ा हमला किया है।वहां  तैनात राज्य पुलिस और मणिपुर राइफल्स के कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई भी की। शुक्रवार की रात चार घंटे से भी अधिक समय तक दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस ने उग्रवादियों को पास की पहाड़ियों में खदेड़ दिया। उग्रवादी तो चले गए लेकिन सेना को भी नींद नहीं है। कहा जा रहा है कि उग्रवादी फिर हमला करेंगे। 
         इस मुठभेड़ में घायल हुए लोगों को इंफाल के रिजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और राज मेडिसिटी ले जाया गया। दो लोगों की हालत फिलहार गंबीर बताई जा रही है।पिछले 24 घंटों में नए हिंसा की घटना पोंबिखोक से सामने आई है। हालांकि इस दौरान किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। मणिपुर पुलिस, असम रायफल्स और सीमा सुरक्षा बल के संयुक्त टीमों ने काकचिंग के सुगनु सेराओ क्षेत्र से सात शव बरामद किए।
          पुलिस ने बताया कि शवों को जेएनआईएमएस के मोर्ग में रखा गया है। उन्होंने बताया कि ये सभी पिछले सप्ताह सुगनु में हुए हिंसा के दौरान चली गोलीबारी में मारे गए थे। एक महीने पहले शुरू हुए इस हिंसा में अबतक 98 लोग मारे गए तो वहीं 310 घायल भी हुए। लेकिन याद रहे ये सरकारी आंकड़े हैं। कहा जा रहा है कि करीब दो सौ से ज्यादा लोग मारे गए हैं। हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग यहाँ से विस्थापित हो गए हैं।      
   हिंसा के दौरान 37,450 लोगों को 272 सुरक्षित कैंपों में रखा गया है। राज्य में शांति स्थापित करने के लिए असम रायफल्स के 10,000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

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