लाल किला हमले के दोषी अशफाक की फांसी की सजा बरकरार,सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पुनर्विचार याचिका

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2000 में लाल किला हमले के दोषी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद आरिफ ऊर्फ अशफाक की मौत की सजा बरकरार रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी मोहम्मद आरिफ द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है।

चीफ जस्टिस ने खारिज की आतंकी अशफाक की याचिका

आतंकी आरिफ की समीक्षा याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस यू.यू. ललित ने कहा, अदालत द्वारा लिए गए विचार की पुष्टि के बाद समीक्षा याचिका खारिज की जाती है। उन्होंने कहा, मामले की संपूर्णता को देखते हुए, अशफाक का अपराध साबित होता है। मामले में विस्तृत आदेश बाद में अपलोड किया जाएगा। लाल किले पर हुए हमले में आर्मी के दो जवानों समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी।

अशफाक ने सेना की बैरक पर किया था आतंकी हमला

आतंकी अशफाक ने लाल किले में 22 दिसंबर 2000 की रात सेना की बैरक पर आतंकी हमला किया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने उसे दोषी पाया था। सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने जुलाई 2019 को पाकिस्तानी नागरिक आरिफ उर्फ अशफाक की उस याचिका को मंजूर कर लिया था।

आतंकी हमले में दो जवानों समेत तीन की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 22 दिसंबर 2000 को लाल किला हमले में सेना के दो जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गयी थी। इस मामले में 11 दोषियों को सजा हो चुकी है। जांच में यह बात सामने आई थी कि आतंकी को इस हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से दस लाख रुपए मिले थे।

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